राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय दल का स्वर्णिम अभियान जूडो मैट पर भी अपनी चमक बिखेर रहा है। देश ने जूडो स्पर्धा में लगातार दूसरा स्वर्ण पदक जीतकर अपने पदकों की संख्या में इज़ाफ़ा किया है। युवा जूडोका अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने अपने-अपने भार वर्गों में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को यह गौरवपूर्ण उपलब्धि दिलाई है, जिससे देश की पदक तालिका में पांच स्वर्ण सहित कुल उन्नीस पदक दर्ज हो चुके हैं।
शुक्रवार को भारतीय जूडोका अस्मिता डे ने महिलाओं के 48 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में कनाडा की हेइडी क्वाच को एकतरफा मुकाबले में हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह जीत न केवल अस्मिता के लिए व्यक्तिगत उपलब्धि थी, बल्कि राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में जूडो में भारत को मिला यह पहला पदक भी था, जिसने देश के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया। अस्मिता ने फाइनल तक का सफर भी बेहद प्रभावशाली ढंग से तय किया था। सेमीफाइनल मुकाबले में उन्होंने स्कॉटलैंड की समर शॉ को ‘युको’ के आधार पर मात देकर अपनी जगह सुनिश्चित की थी। यह मुकाबला एक समय हार की कगार पर पहुंच चुका था, लेकिन अस्मिता ने अपनी जुझारू प्रवृत्ति का परिचय देते हुए शानदार वापसी की और जीत दर्ज की। इससे पहले, क्वार्टर फाइनल में उन्होंने स्कॉटलैंड की ईवा इविंग को ‘इप्पोन’ के साथ हराकर अंतिम चार में प्रवेश किया था। जूडो में ‘इप्पोन’ को सर्वोच्च स्कोर माना जाता है, जिसके मिलते ही मुकाबला तुरंत समाप्त हो जाता है, जबकि ‘युको’ अपेक्षाकृत कम अंक वाला स्कोर होता है, जो खिलाड़ी के कौशल और रणनीति को दर्शाता है।
राष्ट्रमंडल खेलों में पहले भारतीय पुरुष जूडोका बने स्वर्ण विजेता हर्ष सिंह
अस्मिता डे की ऐतिहासिक जीत के बाद, भारत ने जूडो में लगातार दूसरा स्वर्ण पदक हासिल कर अपनी धाक जमाई। इस बार यह कारनामा पुरुष वर्ग में हर्ष सिंह ने कर दिखाया। हर्ष ने पुरुषों के 60 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ कैट्ज को 10-0 के बड़े अंतर से पराजित कर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। हर्ष की यह जीत भारतीय जूडो के लिए एक और मील का पत्थर साबित हुई, क्योंकि वह राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय और पहले पुरुष जूडोका बन गए हैं। उनकी निर्णायक जीत ने देश में जूडो के प्रति उत्साह को और बढ़ा दिया है।
INDIA’S HARSH SINGH IS COMMONWEALTH GAMES CHAMPION IN JUDO 🏆🔥
– 5th Gold Medal for India at CWG 2026 🏅 pic.twitter.com/upm1Vb5uyD
— The Khel India (@TheKhelIndia) July 31, 2026
कॉमनवेल्थ गेम्स में अस्मिता डे का सफर
कॉमनवेल्थ गेम्स में अस्मिता डे का सफर प्रेरणादायक रहा। महिला 48 किग्रा वर्ग में युवा खिलाड़ी अस्मिता ने बेहद रोमांचक मुकाबले दिखाए। स्कॉटलैंड की समर शॉ के खिलाफ सेमीफाइनल में ‘युको’ के आधार पर जीत दर्ज करना उनकी मानसिक दृढ़ता और तकनीकी कौशल का प्रमाण था। इस मैच में एक समय पिछड़ने के बावजूद, उन्होंने हार नहीं मानी और शानदार वापसी करते हुए फाइनल में अपनी जगह बनाई। स्वर्ण पदक के मुकाबले में कनाडा की हेइडी क्वाच के खिलाफ उनका प्रदर्शन बेहतरीन रहा और उन्होंने आसानी से जीत हासिल की। इससे पहले, उन्होंने स्कॉटलैंड की ईवा इविंग को ‘इप्पोन’ से हराकर अंतिम चार में जगह बनाई थी, जो उनके आत्मविश्वास को दर्शाता है। भारतीय दल अब तक इन खेलों में शानदार प्रदर्शन कर रहा है और जूडो में प्राप्त यह दो स्वर्ण पदक देश के लिए बड़े गौरव का विषय हैं।
HISTORIC PODIUM PICTURES 📸🏅
– Asmita Dey won the first ever Judo Gold Medal for India at Commonwealth Games! pic.twitter.com/XZdIcihDew
— The Khel India (@TheKhelIndia) July 31, 2026






