भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। दरअसल उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर अपने फैसले की जानकारी दी। रहाणे ने कहा कि हर खिलाड़ी के जीवन में एक समय ऐसा आता है, जब आगे बढ़ने का फैसला लेना पड़ता है और उन्हें लगता है कि अब वही समय आ गया है। उनके इस फैसले के साथ भारतीय क्रिकेट के एक भरोसेमंद मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज का अंतरराष्ट्रीय सफर समाप्त हो गया।
दरअसल भारत के लिए रहाणे ने 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने कई यादगार पारियां खेलीं और विदेशी परिस्थितियों में टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में गिने गए। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि क्रिकेट ने उन्हें बहुत कुछ दिया है और अब वे उसी खेल को कुछ लौटाना चाहते हैं। उनका कहना है कि आने वाले समय में वे युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करेंगे और अपने अनुभव उनके साथ साझा करेंगे।
गाबा जीत ने हमेशा के लिए बना दिया खास
बता दें कि अजिंक्य रहाणे का करियर कई शानदार पारियों से भरा रहा, लेकिन 2020-21 का ऑस्ट्रेलिया दौरा उनकी सबसे बड़ी पहचान बन गया। एडिलेड टेस्ट में भारत सिर्फ 36 रन पर ऑलआउट हो गया था और नियमित कप्तान विराट कोहली निजी कारणों से स्वदेश लौट चुके थे। ऐसे मुश्किल दौर में रहाणे ने टीम की कप्तानी संभाली और पूरे दौरे में संयम के साथ नेतृत्व किया।
मेलबर्न टेस्ट में उन्होंने शानदार शतक लगाकर भारत को सीरीज में वापसी दिलाई। इसके बाद युवा खिलाड़ियों से सजी भारतीय टीम ने ब्रिस्बेन के गाबा मैदान पर ऑस्ट्रेलिया को हराकर 2-1 से टेस्ट सीरीज अपने नाम की। गाबा में ऑस्ट्रेलिया का 32 साल पुराना अजेय रिकॉर्ड भी उसी मुकाबले में टूटा। क्रिकेट विशेषज्ञ आज भी उस जीत को भारतीय टेस्ट इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिनते हैं। रहाणे की शांत कप्तानी, खिलाड़ियों पर भरोसा और दबाव में सही फैसले लेने की क्षमता ने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई। यही वजह है कि उनका नाम भारतीय क्रिकेट के सफल कप्तानों और भरोसेमंद बल्लेबाजों में हमेशा याद किया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय करियर के बाद क्या करेंगे अजिंक्य रहाणे?
वहीं संन्यास की घोषणा के साथ रहाणे ने यह भी साफ किया कि उनका क्रिकेट से रिश्ता खत्म नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि वे अब अपना अनुभव नई पीढ़ी के खिलाड़ियों तक पहुंचाना चाहते हैं। क्रिकेट से सीखे अनुशासन, धैर्य और टीम भावना जैसे मूल्यों को आगे बढ़ाना उनकी प्राथमिकता होगी। हालांकि उन्होंने अभी यह स्पष्ट नहीं किया कि वे कोचिंग, मेंटरशिप या किसी प्रशासनिक भूमिका में नजर आएंगे, लेकिन संकेत दिए हैं कि वे खेल से जुड़े रहेंगे।






