भारतीय टेस्ट टीम के ऐलान के बाद सबसे ज्यादा चर्चा अगर किसी मुद्दे की हो रही है तो वह है तेज गेंदबाज आकिब नबी का चयन न होना। दरअसल पूर्व भारतीय क्रिकेटर इरफान पठान ने इस फैसले पर खुलकर अपनी राय रखी और कहा कि जब कोई खिलाड़ी लगातार घरेलू क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहा हो, तब उसे नजरअंदाज करना समझ से परे है। उनका मानना है कि टीम चयन में प्रदर्शन को सबसे बड़ी प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
दरअसल भारतीय टीम जल्द ही श्रीलंका दौरे पर दो मैचों की टेस्ट सीरीज खेलने जा रही है। इस दौरे के लिए घोषित टीम में कई नए और अनुभवी खिलाड़ियों को जगह मिली, लेकिन आकिब नबी का नाम शामिल नहीं होने से क्रिकेट जगत में सवाल उठने लगे। जम्मू-कश्मीर के इस तेज गेंदबाज ने पिछले कुछ समय में घरेलू क्रिकेट और इंडिया ए दोनों स्तर पर लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। इसके बावजूद चयनकर्ताओं ने उन्हें मौका नहीं दिया, जिससे चयन प्रक्रिया को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
आकिब नबी का प्रदर्शन बना चर्चा का विषय
दरअसल आकिब नबी ने पिछले रणजी ट्रॉफी सीजन में शानदार गेंदबाजी करते हुए अपनी टीम को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने 60 विकेट लेकर खुद को सबसे सफल गेंदबाजों में शामिल किया। नई गेंद से स्विंग और पुरानी गेंद से लगातार दबाव बनाने की उनकी क्षमता ने क्रिकेट विशेषज्ञों का ध्यान खींचा।
रणजी ट्रॉफी के बड़े मुकाबलों में भी आकिब ने प्रभाव छोड़ा। फाइनल जैसे दबाव वाले मैच में उन्होंने अनुभवी बल्लेबाजों को मुश्किल में डाला और अपनी लाइन-लेंथ से लगातार असर डाला। इसके बाद इंडिया ए के लिए श्रीलंका दौरे पर भी उन्होंने छह विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की। ऐसे प्रदर्शन के बाद उम्मीद थी कि उन्हें राष्ट्रीय टीम में जगह मिलेगी, खासकर तब जब भारत तेज गेंदबाजी विकल्पों को लगातार मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
इरफान पठान ने चयन प्रक्रिया पर उठाए बड़े सवाल
दरअसल इरफान पठान ने चयनकर्ताओं के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि आकिब नबी को आखिर किस वजह से बाहर रखा गया। उनके मुताबिक यदि घरेलू क्रिकेट का प्रदर्शन चयन का आधार है तो आकिब इसके सबसे मजबूत दावेदारों में थे। उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ प्रतिभा नहीं, बल्कि लगातार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भी समान अवसर मिलना चाहिए।
पठान ने यह मुद्दा भी उठाया कि जब टीम में कुछ प्रमुख तेज गेंदबाज उपलब्ध नहीं होते, तब ऐसे खिलाड़ियों को मौका देने का यही सही समय होता है जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में खुद को साबित किया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आकिब ने बड़े बल्लेबाजों के खिलाफ लगातार अच्छी गेंदबाजी की है और दबाव में भी खुद को साबित किया है।






