कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का नौवां दिन भारतीय दल के लिए काफी व्यस्त और उम्मीदों से भरा रहने वाला है। दरअसल सबसे ज्यादा नजरें स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा पर रहेंगी, जो पुरुष जेवलिन थ्रो फाइनल में उतरेंगे। वहीं अगर वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दोहराते हैं, तो भारत के खाते में चौथा गोल्ड मेडल जुड़ सकता है। इसके अलावा बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, जूडो और ट्रैक साइक्लिंग में भी भारतीय खिलाड़ियों के सामने मेडल जीतने का शानदार मौका होगा।
दरअसल भारत के लिए बॉक्सिंग में शुक्रवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण रहेगा। बता दें कि कुल 10 भारतीय मुक्केबाज सेमीफाइनल मुकाबले खेलेंगे। कॉमनवेल्थ गेम्स के नियमों के अनुसार सेमीफाइनल तक पहुंचने वाले हर खिलाड़ी का कम से कम ब्रॉन्ज मेडल तय हो जाता है, क्योंकि तीसरे स्थान के लिए अलग मुकाबला नहीं कराया जाता। ऐसे में अब सभी भारतीय मुक्केबाजों की कोशिश फाइनल में पहुंचकर गोल्ड की दावेदारी मजबूत करने की होगी। प्रीति पवार, अंकुश पंघाल, जैस्मीन लांबोरिया, अरुंधति चौधरी, साक्षी चौधरी, लवलीना बोरगोहेन, नरेंद्र बेरवाल और सचिन सिवाच जैसे खिलाड़ियों से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद है।
नीरज चोपड़ा, तेजस्विन शंकर और जूडो टीम पर रहेंगी नजरें
वहीं बॉक्सिंग के अलावा एथलेटिक्स में भी भारत के कई खिलाड़ी एक्शन में दिखाई देंगे। डेकाथलॉन खिलाड़ी तेजस्विन शंकर पूरे दिन कई अलग-अलग स्पर्धाओं में भाग लेंगे। उनके लिए यह दिन बेहद चुनौतीपूर्ण रहेगा क्योंकि डेकाथलॉन में लगातार कई इवेंट खेलने होते हैं। वहीं पुरुष जेवलिन थ्रो फाइनल में नीरज चोपड़ा के साथ रोहित यादव और यश वीर सिंह भी उतरेंगे। भारत को इस स्पर्धा से सबसे ज्यादा उम्मीदें हैं।
इसके साथ ही जूडो में भी भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत करेगी। श्रद्धा चोपड़े, हर्ष सिंह, अस्मिता डे, यामिनी मौर्य और रोहित बसीर माजगुल शुरुआती मुकाबले खेलेंगे। शुरुआती दौर में जीत दर्ज करने वाले खिलाड़ी अगले चरण में पहुंचेंगे और मेडल की दौड़ में बने रहेंगे। ट्रैक साइक्लिंग में दिनेश कुमार और हर्षवीर सिंह भी भारतीय चुनौती पेश करेंगे। अगर वे क्वालिफाई करते हैं तो देर रात होने वाले मेडल मुकाबलों में भी हिस्सा लेंगे। बॉल्स प्रतियोगिता में भारत का मुकाबला फॉकलैंड आइलैंड्स से होगा, जहां टीम जीत के साथ आगे बढ़ने की कोशिश करेगी।
आज का मुकाबला क्यों है अहम?
दरअसल कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अब तक भारत का प्रदर्शन संतोषजनक रहा है। भारतीय दल के खाते में कुल 17 मेडल हैं, जिनमें 3 गोल्ड, 10 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज शामिल हैं। वेटलिफ्टिंग भारत का सबसे सफल खेल रहा है, जहां से आठ पदक मिले हैं। एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स ने भी भारत को लगातार मेडल दिलाए हैं। हालांकि मेडल तालिका में शीर्ष देशों से मुकाबला करने के लिए भारत को अब गोल्ड मेडल की संख्या बढ़ानी होगी। शुक्रवार का कार्यक्रम इसी वजह से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नीरज चोपड़ा का फाइनल, बॉक्सिंग के 10 सेमीफाइनल और एथलेटिक्स के कई बड़े मुकाबले भारत की रैंकिंग बदल सकते हैं।






