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सरेआम किसने कहा “हम मोदी को मारेंगे”, क्या हुआ फिर इसके बाद, देखिये वीडियो

Written by:Gaurav Sharma
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इंदौर/आकाश धोलपुरे

देश के हर राज्य की सरकार अब अपने अपने राज्यों में रहने वाले लोगो को दिन रात बचाने में जुटी है, लेकिन कई बार कुछ ऐसी बातें सामने आती है जिससे राजनीतिक दलों से जुड़े नेताओ के लिए मुश्किलें खड़ी हो जाती है। ऐसा ही वाकया इंदौर में हुआ जब कोरोना से ठीक हुए लोगों को उनके घर के लिये विदा किया जा रहा था।

दरअसल, इंदौर के इंडेक्स हॉस्पिटल का एक वीडियो वायरल हुआ है जिसके बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं। करीब 2 दिन पहले का वीडियो बताया जा रहा है। बता दें कि जिस दिन 26 कोरोना पॉजिटिव मरीजों के स्वस्थ होने के बाद उन्हें डिस्चार्ज किया जा रहा था उसी दौरान बीजेपी के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष और पूर्व विधायक राजेश सोनकर के सामने एक 6 साल के बच्चे ने  कह डाला कि हम मोदी को मारेंगे। इतना सुनते ही वहां मौजूद सभी लोक सकते में आ गए। लेकिन स्थिति संभालते हुए राजेश सोनकर ने बच्चे के परिजनों को समझाया कि ये गलत है और इतनी छोटी से उम्र में बच्चा ऐसे कैसे बोल सकता है। 6 साल के बच्चे सहित उसके परिवार और रिश्तेदारों भी कोरोना से जंग जीतकर अस्पताल से लौट रहे थे। 13 मई को घर वापसी के दौरान बच्चे ने जब ये बात कही तो मौके पर अस्पताल का स्टाफ, मैनेजमेंट, पूर्व विधायक व भाजपा नेता राजेश सोनकर डिस्चार्ज हुए मरीजों का हौसला बढ़ाने पहुंचे थे। इस दौरान सभी ताली बजाकर कोरोना से जंग जीतने वालो को विदाई दे रहे थे। तभी किसी परिवार के 6 साल के एक बच्चे ने जोर से कहा कि हम मोदी को मारेंगे। इसके बाद मोबाइल की रिकॉर्डिंग भी बंद कर दी गई लेकिन तब तक बच्चे के चिल्लाने की आवाज मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड हो चुकी थी।

ऐसे में मौके पर मौजूद भाजपा नेता राजेश सोनकर भी बच्चे के मुंह से ये बात सुनकर सकते में आ गए। उन्होंने तत्काल बच्चे को समझाया कि बेटा ऐसे नही बोलते है। इस मामले की निंदा कर पूर्व बीजेपी विधायक ने ये सवाल भी उठाये कि आखिरकार 6 साल के मासूम के जेहन में ऐसा ज़हर किसने भरा है। राजेश सोनकर ने बच्चे के परिवार द्वारा दी जा रही शिक्षा पर भी सवाल उठाए है क्योंकि ये सम्भव नही की बच्चा अचानक कुछ ऐसा बोल दे जो उसके ही परिवार को सवालो के घेरे में ला खड़ा कर दे।

Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma
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