इंदौर में इस सप्ताह BEd प्रथम वर्ष का परिणाम आते ही कई छात्रों के लिए राहत की जगह बेचैनी बढ़ गई। जिन छात्रों को पास होने या बेहतर अंक आने की उम्मीद थी, उनमें से बड़ी संख्या ने रिजल्ट में त्रुटि का आरोप लगाया और मामला सीधे देवी अहिल्या बाई विश्वविद्यालय तक पहुंच गया।

इसी मुद्दे पर NSUI ने विश्वविद्यालय में प्रदर्शन किया और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कहा कि घोषित परिणाम में गंभीर गड़बड़ियां हैं। संगठन का आरोप है कि मार्किंग और परिणाम प्रक्रिया में ऐसी त्रुटियां हुई हैं, जिससे छात्रों का शैक्षणिक नुकसान हो रहा है और आगे की प्रवेश व नौकरी प्रक्रियाओं पर भी असर पड़ सकता है।

रिजल्ट से ज्यादा भरोसे का संकट, छात्र यही कह रहे हैं

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने साफ मांग रखी कि सिर्फ तकनीकी सुधार नहीं, बल्कि उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच कराई जाए। उनका कहना है कि अगर कॉपी सही तरीके से जांची गई होती तो इतने छात्रों को एक साथ शिकायत लेकर सड़कों पर नहीं आना पड़ता।

NSUI ने यह भी आरोप लगाया कि मामले को हल्के में नहीं लिया जा सकता और शिक्षा माफियाओं व विश्वविद्यालय प्रशासन की संभावित मिलीभगत की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। संगठन ने कहा कि निष्पक्ष जांच जरूरी है, वरना छात्रों का भरोसा पूरी तरह टूट जाएगा।

प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं और विद्यार्थियों ने नारेबाजी की और प्रशासन से समयबद्ध कार्रवाई की मांग की। उनका जोर इस बात पर रहा कि री-चेकिंग की प्रक्रिया पारदर्शी हो, ताकि बाद में फिर विवाद न खड़ा हो।

दबाव बढ़ा तो प्रशासन ने 7 दिन की समयसीमा दी

लगातार विरोध के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने आश्वासन दिया कि 7 दिनों के भीतर संबंधित उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन कराया जाएगा। इसके बाद संशोधित परिणाम जारी करने की बात भी कही गई है। फिलहाल छात्रों की नजर अब इसी समयसीमा पर टिक गई है।

NSUI ने साफ चेतावनी दी है कि अगर तय समय के भीतर निष्पक्ष जांच और सुधारात्मक कदम नहीं उठे, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। संगठन का कहना है कि यह सिर्फ एक बैच का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता का मामला है।

इस प्रदर्शन में शुभम ठाकुर, मोहित जाट, देव चौहान, परम सोनकर, कुनाल सुनहरे, रुद्र सिंह चौहान, सागर बरेठा, छोटू यादव, सौम्य चौधरी सहित अन्य छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अब वे लिखित आश्वासन के बाद वास्तविक कार्रवाई देखना चाहते हैं।

अगले 7 दिन इस विवाद की दिशा तय करेंगे। यदि री-चेकिंग के बाद संशोधित परिणाम जारी होता है तो छात्रों को राहत मिलेगी, और अगर देरी हुई तो विश्वविद्यालय परिसर में विरोध का अगला दौर शुरू होने की तैयारी NSUI ने अभी से जता दी है।