इंदौर में आज एक बड़ा एनर्जी प्रोजेक्ट शुरू होने जा रहा है। जलूद में बने 60 मेगावॉट सोलर प्लांट का लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव करेंगे। दरअसल इस प्लांट से नगर निगम को हर महीने करोड़ों रुपये की बिजली बचत होने की उम्मीद है। वहीं यह सोलर प्लांट करीब 271.16 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ है और ट्रायल के दौरान ही इसके अच्छे रिजल्ट सामने आने लगे हैं। जानकारी के अनुसार मार्च महीने में ही पंपिंग सिस्टम के बिजली खर्च में लगभग 3.64 करोड़ रुपये की बचत दर्ज की गई।
वहीं अधिकारियों का मानना है कि आने वाले समय में यह बचत और ज्यादा बढ़ेगी जिससे नगर निगम के बजट पर दबाव कम होगा और संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा।
सोलर एनर्जी से इंदौर को बड़ा फायदा
दरअसल इंदौर नगर निगम अभी हर महीने पानी सप्लाई और पंपिंग सिस्टम के लिए 22 से 25 करोड़ रुपये तक बिजली पर खर्च करता है। ऐसे में यह सोलर प्लांट सीधे तौर पर खर्च कम करने में बड़ी भूमिका निभाएगा। संभावना जताई जा रही है कि हर महीने 4 से 4.50 करोड़ रुपये तक की बचत होगी जो सालाना स्तर पर बहुत बड़ी रकम बन जाती है। वहीं इसके अलावा यह प्रोजेक्ट पर्यावरण के लिहाज से भी अहम है। सोलर एनर्जी से कार्बन उत्सर्जन कम होता है और शहर को साफ ऊर्जा मिलती है। इंदौर पहले से ही स्वच्छता में देश का अग्रणी शहर रहा है और अब ऊर्जा के क्षेत्र में भी यह नई पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है।
सस्टेनेबल डेवलपमेंट की दिशा में कदम
वहीं इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि इसे ग्रीन बॉन्ड के जरिए फंड किया गया है। दरअसल इंदौर देश का पहला ऐसा नगर निगम बन गया है जिसने ग्रीन बॉन्ड के माध्यम से 244 करोड़ रुपये जुटाए है। जानकारी के लिए बता दें कि ग्रीन बॉन्ड निवेशकों से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल केवल पर्यावरण से जुड़े प्रोजेक्ट्स में किया जाता है। इससे शहर को फाइनेंसिंग का नया रास्ता मिलता है और निवेशकों को भी साफ ऊर्जा प्रोजेक्ट्स में हिस्सा लेने का मौका मिलता है।






