मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला मामले में आज मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में सुनवाई हुई , अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद 6 अप्रैल से नियमित सुनवाई करने का फैसला लिया है, सुनवाई के दौरान हिंदू पक्ष की तरफ से सीनियर एडवोकेट विष्णु शंकर जैन और मुस्लिम पक्ष की ओर से सलमान खुर्शीद भी पेश हुए। सभी ने अपने अपने याचिकाकर्ताओं की तरफ से कोर्ट के सामने पक्ष रखे।
भोजशाला मामले में आज इंदौर हाई कोर्ट में न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और आलोक कुमार अवस्थी की डबल बेंच में सुनवाई हुई। बता दें सन 2022 से लंबित याचिका में अंतिम चरण की कार्यवाही चल रही है जिसमें तीन याचिका है और एक आपत्ति का निराकरण किया जाना है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि बहस की शुरुआत में पहले याचिकाकर्ताओं के तर्कों को सुना जाएगा, उसके बाद सभी आपत्तिकर्ताओं को बात रखने का अवसर दिया जाएगा।
मामला सिविल कोर्ट भेजने की मांग
गौरतलब है कि मुस्लिम पक्ष की ओर से मांग की गई थी कि इस मामले को सिविल कोर्ट भेजा जाए, इसी क्रम में उन्होंने धार की सिविल कोर्ट में एक सिविल सूट भी दायर किया है, जिसकी सुनवाई 10 तारीख को होनी है।
सुप्रीम कोर्ट ने दी हाईकोर्ट में ही सुनवाई की सलाह
यहाँ बता दें मुस्लिम पक्ष इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट गया था, हिंदू पक्ष के द्वारा भी केविएट दायर की गई थी, इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार करते हुए स्पष्ट किया था कि सभी शिकायतें साक्ष्य,आपत्तियां मध्यप्रदेश हाई कोर्ट के समक्ष ही रखी जाए जहां पर न्याय संगत तरीके से विचार किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट की प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए कहा था कि सभी संबंधित मुद्दों पर विचार का उचित मंच हाई कोर्ट ही है।
ये है पूरा मामला
उल्लेखनीय है कि हिंदू पक्ष भोजशाला को देवी सरस्वती को समर्पित मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष का दावा है कि 11वीं सदी का यह स्मारक कमाल मौला मस्जिद है। वर्तमान में यह भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अधीन है। हाल ही में कोर्ट के आदेश पर एएसआई द्वारा भोजशाला परिसर का वैज्ञानिक सर्वेक्षण भी किया गया था, जिसका उद्देश्य इसकी ऐतिहासिक प्रकृति और मूल संरचना का पता लगाना था।






