इंदौर में एयरपोर्ट रोड से सुपर कॉरिडोर के बीच अंडरग्राउंड मेट्रो के काम से वाहन चालकों को हो रही परेशानी से अब जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। मंगलवार को जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में प्रशासन ने इस मामले में महत्वपूर्ण फैसला लिया है। पिछले कई दिनों से इस रूट पर अक्सर मेन रोड को बंद कर दिया जाता था, जिसके कारण लोगों को करीब दो किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा था। इस वजह से वाहन चालक काफी समय से परेशान थे और इस समस्या को लगातार उठाया जा रहा था।
दरअसल बैठक में तय किया गया है कि बिजासन मेट्रो स्टेशन और बिजासन माता मंदिर के बीच खाली पड़ी जमीन पर एक सर्विस रोड बनाई जाएगी। यह नया रास्ता एयरपोर्ट टर्मिनल के सामने से केंद्रीय विद्यालय के पहले तक तैयार किया जाएगा। इस सर्विस रोड के बनने से एयरपोर्ट रोड और सुपर कॉरिडोर के बीच एक वैकल्पिक रास्ता मिल जाएगा। इससे मौजूदा ट्रैफिक का दबाव काफी कम होगा और वाहन चालकों को बेवजह घूमकर जाने की परेशानी से राहत मिलेगी। यह कदम मेट्रो निर्माण के दौरान लोगों को हो रही परेशानी कम करने के लिए उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।
आठ प्रमुख मार्गों पर काम शुरू किया जाएगा
शहर में सिर्फ मेट्रो रूट ही नहीं बल्कि पूरी यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया गया है। समिति ने तय किया है कि पूरे शहर में एक साथ काम करने के बजाय पहले चरण में आठ प्रमुख मार्गों पर काम शुरू किया जाएगा। इन चुनिंदा मार्गों से अतिक्रमण हटाया जाएगा। साथ ही लेफ्ट टर्न को व्यवस्थित किया जाएगा ताकि ट्रैफिक आसानी से चल सके और चौराहों पर लगने वाले जाम से राहत मिल सके। इन प्रमुख मार्गों में राजबाड़ा क्षेत्र, रिवर साइड-संजय सेतु मार्ग, महारानी रोड, एलआईजी से पाटनीपुरा तक का मार्ग, भंवरकुआं क्षेत्र और वीआईपी रोड (जो एयरपोर्ट रोड का हिस्सा है) शामिल हैं। इन इलाकों में यातायात व्यवस्था सुधारने को प्राथमिकता दी जाएगी।
बसों के रूट में बदलाव किया गया
बैठक की अध्यक्षता कर रहे कलेक्टर शिवम वर्मा ने यातायात सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी है। उन्होंने बताया है कि राजबाड़ा क्षेत्र में सिटी बसों के गलत तरीके से खड़े होने के कारण ट्रैफिक में रुकावट आ रही थी। इस समस्या को देखते हुए बसों के रूट में बदलाव किया गया है ताकि ट्रैफिक का प्रवाह बना रहे। हालांकि यात्रियों को होने वाली परेशानी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन नई वैकल्पिक व्यवस्था बनाने पर भी काम कर रहा है, ताकि उन्हें ज्यादा दिक्कत न हो। इस बैठक में निगमायुक्त क्षितिज सिंघल, एसपी ग्रामीण यांगचेन भूटिया, डीसीपी ट्रैफिक राजेश त्रिपाठी, अपर आयुक्त आकाश सिंह, स्मार्ट सिटी सीईओ अर्थ जैन और अपर कलेक्टर रोशन राय समेत कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे हैं।
बैठक में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए कुछ और महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए हैं। अब शहर में प्रमुख स्थानों पर पार्किंग स्पेस विकसित करने का काम तेजी से किया जाएगा, ताकि बढ़ते वाहनों के लिए पर्याप्त जगह मिल सके और सड़कों पर अवैध पार्किंग कम हो सके। प्रमुख चौराहों पर लेफ्ट टर्न को फ्री करने के लिए भी कार्य योजना बनाई गई है, जिससे ट्रैफिक जाम कम होगा और वाहनों की आवाजाही आसान बनेगी। दुर्घटना संभावित स्थानों, जिन्हें ब्लैक स्पॉट कहा जाता है, उनमें सुधार का काम भी तेजी से किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया है कि जिले में ब्लैक स्पॉट की संख्या पहले से कम हुई है, लेकिन कुछ नए स्थानों पर सुधार का काम अभी जारी है ताकि सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सके।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को भी शहर में बन रहे फ्लायओवर के काम को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि निर्माण के कारण हो रही ट्रैफिक समस्या का जल्द समाधान हो सके। अवैध पार्किंग करने वालों पर चालान और वाहनों पर लॉक लगाने की कार्रवाई भी लगातार जारी रहेगी, ताकि नियमों का पालन कराया जा सके। प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि जिन इमारतों में बेसमेंट पार्किंग की सुविधा है, वहां उसका उपयोग पार्किंग के लिए ही करना होगा, जैसा कि भवन निर्माण नियमों में तय है। अगर किसी जगह बेसमेंट का उपयोग किसी अन्य काम के लिए किया जाता पाया गया, तो उसे सील करने सहित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा सड़कों पर पार्किंग के लिए मार्किंग कराने का काम भी शुरू किया जा रहा है, ताकि वाहन व्यवस्थित तरीके से खड़े हो सकें और सड़कों पर अव्यवस्था कम हो।






