Hindi News

मध्य प्रदेश में कल से दूध ₹5 लीटर तक होगा महंगा, इंदौर में ₹3 और धार में ₹4 बढ़ेंगे दाम, सांची के रेट नहीं बदले

Written by:Ankita Chourdia
Published:
नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत होते ही आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ गया है। दरअसल इंदौर सहित मध्य प्रदेश के कई बड़े शहरों में दूध के दाम 1 अप्रैल से बढ़ जाएंगे, जिससे रसोई का बजट प्रभावित होगा।वहीं इंदौर में दूध ₹3 प्रति लीटर महंगा हुआ है, जबकि धार में यह बढ़ोतरी ₹4 प्रति लीटर तक पहुंची है।
मध्य प्रदेश में कल से दूध ₹5 लीटर तक होगा महंगा, इंदौर में ₹3 और धार में ₹4 बढ़ेंगे दाम, सांची के रेट नहीं बदले

मध्य प्रदेश में नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत आम आदमी के लिए एक नई महंगाई लेकर आई है। दरअसल कल यानी 1 अप्रैल से इंदौर सहित प्रदेश के कई बड़े शहरों में दूध के दाम बढ़ा दिए जाएंगे। इंदौर में दूध अब 3 रुपए प्रति लीटर महंगा मिलेगा, जिससे उपभोक्ताओं को 63 से 65 रुपए प्रति लीटर के भाव पर दूध खरीदना होगा। वहीं यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पहले से ही महंगाई की मार से लोग जूझ रहे हैं। पड़ोसी जिले धार में तो दूध की कीमतों में 4 रुपए प्रति लीटर तक का इजाफा किया गया है। यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर हजारों परिवारों की रसोई के बजट को प्रभावित करेगी।

दरअसल मप्र दुग्ध विक्रेता महासंघ के अध्यक्ष भारत मथुरावाला ने बताया कि यह बढ़ोतरी सिर्फ इंदौर और धार तक सीमित नहीं है। प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों जैसे भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, देवास और बड़वाह में भी दूध के दाम 2 से 4 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ेंगे। इससे राज्य के एक बड़े हिस्से में दूध महंगा हो जाएगा। हालांकि, राज्य की अग्रणी दूध उत्पादक कंपनी सांची ने अभी तक अपने उत्पादों के रेट में कोई बदलाव नहीं किया है, जिससे उन उपभोक्ताओं को कुछ तात्कालिक राहत मिल सकती है जो सांची का दूध खरीदते हैं।

जानिए इसे लेकर दूध विक्रेताओं ने क्या कहा?

वहीं इसे लेकर दूध विक्रेताओं का कहना है कि यह मूल्य वृद्धि अपरिहार्य थी और इसे टाला नहीं जा सकता था। उनका तर्क है कि पशु आहार जैसे कपास खली, चारा और भूसे के दामों में पिछले कुछ समय से लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसके साथ ही, दुधारू पशुओं की खरीद लागत भी बढ़ी है, जिससे दूध उत्पादन की कुल लागत में काफी इजाफा हुआ है। ऐसे में, लागत की भरपाई के लिए कीमतों में वृद्धि करना आवश्यक हो गया था। भारत मथुरावाला ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि पशु आहार की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं और उत्पादन लागत में और वृद्धि हुई, तो भविष्य में दूध के दामों पर फिर से विचार किया जा सकता है। यह बात उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय है क्योंकि इससे आने वाले समय में और महंगाई की आशंका बढ़ जाती है।

इंदौर दूध विक्रेता संघ ने जारी किया नया रेट चार्ट और लागत वृद्धि का ब्योरा

दरअसल इंदौर दूध विक्रेता संघ ने 1 अप्रैल से लागू होने वाली नई दरों के संबंध में एक आधिकारिक लेटर जारी किया है, जिसमें मूल्य वृद्धि के कारणों और नई दरों का विस्तृत ब्योरा दिया गया है। संघ की कार्यकारिणी की बैठक अध्यक्ष भारत मथुरावाला की अध्यक्षता में हाल ही में संपन्न हुई थी, जिसमें दूध के नए भाव तय किए गए। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि शहर में दूध की गुणवत्ता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, और इसके लिए फैट प्रणाली से दूध का क्रय-विक्रय सुनिश्चित किया गया है। यह सुनिश्चित करता है कि दूध की गुणवत्ता में कोई समझौता न हो।

इस फैसले के मुताबिक, दूध उत्पादकों को अब बढ़ी हुई दर पर भुगतान किया जाएगा, ताकि उन्हें भी अपनी बढ़ती लागत से कुछ राहत मिल सके। पहले दूध विक्रेता उत्पादकों से 8.60 रुपए प्रति फैट के हिसाब से दूध खरीदते थे, जो अब 35 पैसे की वृद्धि के साथ 8.95 रुपए प्रति फैट हो गया है। यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर दूध उत्पादकों के मुनाफे को बढ़ाएगी, लेकिन इसका अंतिम वित्तीय बोझ उपभोक्ताओं पर ही पड़ेगा, जो बढ़ी हुई कीमतों का भुगतान करेंगे।

वहीं संघ ने अपनी बैठक में एक महत्वपूर्ण मांग भी रखी है, जो दूध वितरण की लागत को प्रभावित करती है। वर्तमान में वाणिज्यिक एल.पी.जी. गैस के वितरण में आ रही समस्याओं को देखते हुए, संघ ने प्रशासन से डेयरियों को पी.एन.जी. गैस कनेक्शन प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध करवाने की अपील की है। संघ का मानना है कि पी.एन.जी. गैस का उपयोग न केवल लागत प्रभावी होगा बल्कि वाणिज्यिक एल.पी.जी. की अनिश्चित आपूर्ति की समस्या का भी समाधान करेगा, जिससे दूध की कीमतें स्थिर रखने में मदद मिल सकती है।

Ankita Chourdia
लेखक के बारे में
Follow Us :GoogleNews