इंदौर में शनिवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने बस स्टैंड और आसपास के खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की। दरअसल यह कार्रवाई आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के निर्देश और कलेक्टर शिवम वर्मा के मार्गदर्शन में की गई। वहीं निरीक्षण के दौरान कई जगह खाद्य सुरक्षा से जुड़े जरूरी दस्तावेज मौके पर उपलब्ध नहीं मिले। अधिकारियों ने नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों से खाद्य नमूने लेकर जांच शुरू कर दी है।
दरअसल टीम ने भारतीय भोजनालय, साईं प्रसाद डाइनिंग हॉल, नीलकंठ भोजनालय और जेके ट्रेडर्स सहित कई जगहों का निरीक्षण किया। जांच में साफ-सफाई, कर्मचारियों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड और खाद्य पदार्थों के रखरखाव से जुड़ी कई कमियां सामने आईं।
कई होटलों में मिली लापरवाही
जानकारी के अनुसार साउथ तुकोगंज स्थित भारतीय भोजनालय में निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों के मेडिकल सर्टिफिकेट, पेस्ट कंट्रोल प्रमाण-पत्र, खाद्य परीक्षण रिपोर्ट और पानी की जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं मिली। टीम ने इन कमियों को गंभीर मानते हुए प्रतिष्ठान को सुधार सूचना नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की है। रानी सराय स्थित साईं प्रसाद डाइनिंग हॉल में भी कई जरूरी रिकॉर्ड नहीं मिले। यहां मेडिकल और पेस्ट कंट्रोल प्रमाण-पत्र के अलावा खाद्य परीक्षण और पानी की जांच रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं थी। निरीक्षण में यह भी सामने आया कि कच्चे खाद्य पदार्थों का रखरखाव निर्धारित तरीके से नहीं किया जा रहा था। इसके अलावा खाद्य सुपरवाइजर का प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र भी मौके पर नहीं मिला। अधिकारियों ने यहां से मिर्ची पाउडर और हल्दी पाउडर के नमूने लेकर जांच के लिए सुरक्षित किए। वहीं नीलकंठ भोजनालय में निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ी लापरवाही रोटी को समाचार-पत्र पर रखकर परोसने की मिली। इसके अलावा कर्मचारियों के मेडिकल सर्टिफिकेट और पानी की जांच रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं थी। टीम ने यहां से पनीर और चावल के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजने की कार्रवाई की।
8 खाद्य नमूने जांच के लिए भेजे
वहीं निरीक्षण के दौरान सिंधी कॉलोनी स्थित जेके ट्रेडर्स से भी खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। यहां से सोयाबीन तेल, तिल का तेल, मूंग दाल और तुअर दाल के चार नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए। इस तरह पूरे अभियान में कुल आठ खाद्य नमूने लिए गए हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार सभी नमूनों को राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह तय किया जाएगा कि संबंधित खाद्य पदार्थ निर्धारित मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं। अगर किसी नमूने में गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।






