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इंदौर में बसों पर बड़ी कार्रवाई, 2.26 लाख रुपये का वसूला जुर्माना, 2 बसों के फिटनेस प्रमाण पत्र निरस्त

Reported by:Shakil Ansari|Edited by:Shyam Dwivedi
Published:
इंदौर कलेक्टर के निर्देश पर बसों की सघन जांच में आठ बसों से 2.26 लाख रुपये जुर्माना वसूला गया, साथ ही दो बसों के फिटनेस प्रमाण पत्र भी निरस्त किए गए।

इंदौर में यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए प्रशासन ने लोक परिवहन बसों पर एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने मंगलवार को शहर भर में बसों की सघन जांच की। इस विशेष अभियान के दौरान बसों में आपातकालीन निकास द्वार, अग्निशमन प्रणाली और आपातकाल में यात्रियों के सुगम निकास की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया गया। इस व्यापक कार्रवाई में आठ बसों से कुल 2 लाख 26 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया, वहीं दो बसों के फिटनेस प्रमाण पत्र निरस्त कर दिए गए।

संयुक्त दल ने विशेष रूप से इंदौर के स्टार चौराहे पर अपना ध्यान केंद्रित किया, जहां अनफिट और बिना परमिट संचालित हो रही बसों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। लोक परिवहन वाहनों, खासकर ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट पर चल रही बसों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर विशेष जोर दिया गया। जांच के दौरान कई बसों में गंभीर खामियां सामने आईं। इनमें ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट का दुरुपयोग करते हुए उन्हें स्टेज कैरिज के रूप में संचालित करना और परमिट की शर्तों का खुलेआम उल्लंघन करना प्रमुख था। इन अनियमितताओं के कारण आठ बसों पर कार्रवाई करते हुए उनसे कुल 2 लाख 26 हजार रुपये का जुर्माना वसूल किया गया।

सुरक्षा मानकों में लापरवाही पर फिटनेस सर्टिफिकेट निरस्त

कार्रवाई के दौरान कुछ बसों में आपातकालीन निकास द्वार पूरी तरह से बंद पाए गए, जो यात्रियों की जान को सीधे खतरे में डालता है। इसके अतिरिक्त, अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) भी खराब या अनुपयोगी स्थिति में मिले। ऐसी गंभीर सुरक्षा खामियों वाली बसों के फिटनेस प्रमाण पत्र तत्काल निरस्त कर दिए गए। वहीं, जिन बसों में आवश्यक दस्तावेज पूरे नहीं थे या अन्य मामूली उल्लंघन पाए गए, उन पर नियमानुसार जुर्माना लगाया गया। यह कार्रवाई यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सड़क परिवहन नियमों का कड़ाई से पालन कराने के प्रशासन के संकल्प को दर्शाती है।

बसों में ज्वलनशील पदार्थ ले जाने पर सख्त चेतावनी

इस महत्वपूर्ण संयुक्त अभियान में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी प्रदीप शर्मा, जिला प्रशासन की ओर से अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) घनश्याम धनगर, सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी राजेश गुप्ता और उड़नदस्ता टीम प्रभारी आकाश सिठोले सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बसों के चालकों और परिचालकों को विशेष रूप से हिदायत दी कि वे किसी भी सूरत में बसों में ज्वलनशील पदार्थों का परिवहन न करें, क्योंकि यह यात्रियों की सुरक्षा के लिए अत्यंत खतरनाक हो सकता है। उन्हें यह भी निर्देशित किया गया कि वे हवाई जहाजों की तर्ज पर बसों में यात्रा कर रहे यात्रियों को आपातकाल की स्थिति में ‘क्या करें और क्या न करें’ संबंधी आवश्यक जानकारी प्रदान करें। इसमें आपातकालीन निकास द्वार के स्थान और उनके उपयोग के तरीके, कांच तोड़ने के लिए रखे गए हैमर का सही इस्तेमाल और अन्य सुरक्षा उपकरणों के बारे में विस्तृत जानकारी शामिल है। यह सुनिश्चित करना बस प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि हर यात्री को आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयार किया जाए, जिससे किसी भी अनहोनी की स्थिति में जान-माल का नुकसान कम से कम हो सके और यात्रियों को सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिल सके।

यह अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि इंदौर की सड़कों पर चलने वाली सभी बसें सुरक्षा मानकों और परिवहन नियमों का पूर्णतः पालन करें, जिससे शहर में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और यात्रियों को एक सुरक्षित व सुगम यात्रा का अनुभव प्राप्त हो। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी वाहन को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Shyam Dwivedi
लेखक के बारे में
पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi
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