भारतीय क्रिकेट टीम में एक ऐसे नाम ने दस्तक दी है, जिसने कई क्रिकेट प्रेमियों के मन में रोमांच जगाया है। दरअसल अफगानिस्तान के विरुद्ध होने वाली टेस्ट और वनडे श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में गुरनूर बराड़ का चयन मात्र एक घोषणा नहीं, बल्कि एक ऐसे सफर की कहानी है जो संघर्ष, दृढ़ता और अप्रत्याशित मोड़ों से होकर गुजरा है। वहीं हर कोई यह जानने को उत्सुक है कि आखिर यह युवा खिलाड़ी कौन है और कैसे उसने टीम इंडिया तक का यह गौरवशाली मुकाम हासिल किया है।
जानिए कौन है गुरनूर बराड़?
दरअसल 25 वर्षीय गुरनूर बराड़ का जन्म मई 2000 में पंजाब के मुक्तसर में हुआ था। उनके पेशेवर क्रिकेट के सफर में कई ऐसे पड़ाव आए, जहाँ दिग्गजों का मार्गदर्शन उन्हें मिला। सबसे पहले, भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे शुभमन गिल ने उन्हें इस राह पर आगे बढ़ने में सहायता प्रदान की, जिसके उपरांत शिखर धवन जैसे अनुभवी खिलाड़ी की भी उन पर नजर पड़ी। इसी कड़ी में, पंजाब के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने वाले इस तेज गेंदबाज को पंजाब किंग्स जैसी फ्रेंचाइजी तक पहुँचने में भी मदद मिली और अब उनका यह सफर भारतीय टीम के द्वार तक आ पहुँचा है।
वहीं एक अनूठा तथ्य यह भी है कि गुरनूर बराड़ को शुरुआत में क्रिकेट नहीं, बल्कि फुटबॉल खेलना अधिक रास आता था। एक इंटरव्यू में उन्होंने स्वयं बताया कि उनका रुझान फुटबॉल और टेनिस की ओर था, जबकि क्रिकेट को वे केवल मनोरंजन के लिए खेला करते थे।
ऐसे बने क्रिकेटर
दरअसल जीवन में कई बार एक छोटी सी सलाह भी बड़े बदलाव का आरंभ कर देती है। बराड़ के एक मित्र ने उनकी अच्छी कद-काठी (6.5 फीट) को देखते हुए उन्हें क्रिकेट में भाग्य आज़माने की प्रेरणा दी, यह कहते हुए कि उनकी लंबाई एक अच्छे गेंदबाज बनने में सहायक सिद्ध हो सकती है। मित्र की यह बात गुरनूर के लिए मील का पत्थर साबित हुई। इस सलाह के ठीक दो वर्ष पश्चात, उनकी भेंट शुभमन गिल से हुई, जो उस समय भारतीय अंडर-19 टीम का अभिन्न अंग थे। गिल को बराड़ की गेंदबाजी शैली और गति ने प्रभावित किया, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने गुरनूर को मोहाली की जिला टीम में स्थान दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यहाँ से उनका चयन पंजाब की अंडर-23 टीम के लिए हुआ।
पंजाब किंग्स के लिए भी खेले
वहीं वर्ष 2021 में गुरनूर ने पंजाब के लिए लिस्ट-ए क्रिकेट में पदार्पण किया, और अगले ही वर्ष फर्स्ट क्लास क्रिकेट में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इसी दौरान, इंडियन प्रीमियर लीग की फ्रेंचाइजी पंजाब किंग्स की नजर उन पर पड़ी। गुरनूर को पंजाब किंग्स के साथ नेट बॉलर के रूप में जुड़ने का अवसर मिला। उस समय, फ्रेंचाइजी के कप्तान शिखर धवन उनकी रफ्तार से अत्यंत प्रभावित हुए और उन्होंने गुरनूर से कहा कि उन्हें टीम का हिस्सा होना चाहिए। इसी के फलस्वरूप, वे अंगद बावा के स्थान पर पंजाब किंग्स से जुड़े।
गुजरात टाइटंस ने दिया मौका
वर्ष 2023 में, उन्हें पंजाब के लिए आईपीएल में पदार्पण करने का मौका मिला, हालांकि उनका पहला मैच कुछ खास नहीं रहा, जहाँ उन्होंने तीन ओवर में 42 रन खर्च किए। इस मैच के बाद से उन्हें अब तक आईपीएल में खेलने का दोबारा अवसर प्राप्त नहीं हुआ है। आईपीएल अनुबंध न होने की स्थिति में, गुरनूर ने शुभमन गिल की सलाह पर अमल करते हुए, वर्ष 2024 में गुजरात टाइटंस के साथ नेट बॉलर के रूप में अपना सफर जारी रखा। उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए, गुजरात टाइटंस ने वर्ष 2025 की नीलामी में उन्हें 30 लाख रुपये में खरीदा, और वर्ष 2026 के लिए भी फ्रेंचाइजी ने उन्हें अपने साथ बनाए रखा है।
करियर पर डालें नजर
गुरनूर बराड़ के अब तक के करियर पर दृष्टि डालें तो उन्होंने 18 फर्स्ट क्लास, 9 लिस्ट-ए और 9 टी20 मुकाबले खेले हैं। फर्स्ट क्लास क्रिकेट की 28 पारियों में गेंदबाजी करते हुए उन्होंने 52 महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए हैं। वहीं, लिस्ट-ए के 9 मुकाबलों में 12 विकेट और टी20 के 9 मैचों में 10 विकेट चटकाए हैं। टीम इंडिया में उनका चयन उनके अथक परिश्रम, दृढ़ संकल्प और अप्रतिम प्रतिभा का प्रमाण है, जो उन्हें भविष्य में और भी ऊंचाइयों तक ले जाने का संकेत देता है।






