उमंग सिंघार ने इंदौर के विभिन्न इलाकों में “वॉटर ऑडिट” के बाद कहा है कि शहर के अधिकांश इलाकों में पानी गंदा है और पीने योग्य नहीं है। भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से उत्पन्न स्वास्थ्य संकट के बाद नेता प्रतिपक्ष ने स्वयं इंदौर के कई क्षेत्रों में जल-ऑडिट किया। इसके बाद उन्होंने आरोप लगाया कि सोई हुई बीजेपी सरकार एक और ‘भागीरथपुरा’ के बाद ही जागेगी।
बता दें कि कांग्रेस लगातार इस मामले पर सरकार से सवाल कर रही है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इसे लेकर न्यायिक जांच और पब्लिक के सामने सुनवाई की मांग की है। जीतू पटवारी इस मामले में दोषियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग कर चुके हैं और पीड़ितों को उचित मुआवज़ा देने की मांग भी कर रहे हैं।
उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इंदौर के विभिन्न इलाकों में दूषित पेयजल की समस्या की जांच के लिए स्वयं वॉटर ऑडिट किया। उन्होंने कांग्रेस नेताओं के साथ कई बस्तियों और कॉलोनियों का दौरा कर पानी के नमूने एकत्र किए और स्थानीय निवासियों से बातचीत की। इसके बाद उन्होंने आरोप लगाया है कि दूषित पेयजल की समस्या सिर्फ भागीरथपुरा तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर के कई हिस्सों में पेयजल अत्यधिक दूषित और पीने योग्य नहीं है।
कहा ‘पूरे शहर की स्थिति खराब, सरकार कारगर कदम उठाए’
उमंग सिंघार ने कहा कि इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी सरकार सोई हुई है और शायद वो दूसरी भागीरथपुरा जैसी किसी घटना का इंतज़ार कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘इंदौर के अंदर कई भागीरथपुरा बन रहे हैं। कई इलाकों में दूषित पानी से लोग बीमार हो रहे हैं। कई जगह पानी में कीड़े निकले। इस प्रकार की अव्यवस्थाएं क्यों हो रही है। बीजेपी सरकार मां नर्मदा को भूल गई और दूषित पानी पिला रही है। मैं सरकार से सवाल। करता हूं..शुद्ध जल मिले ये लोगों का संवैधानिक अधिकार है। आप हजारों करोड़ों रूपए भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा रहे हैं, ब्रांडिंग पर खर्च कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये अलर्ट है। सरकार इसपर तत्काल संज्ञान ले और भागीरथपुरा जैसी स्थिति पूरे इंदौर में न बने इसपर ध्यान दें।





