इंदौर मेट्रो अब अपने अगले बड़े कदम के बेहद करीब पहुंच गई है। दरअसल CMRS टीम निरीक्षण पूरा कर लौट चुकी है और रिपोर्ट के बाद NOC मिलते ही आम लोगों के लिए मेट्रो सेवा शुरू हो सकती है। वहीं मेट्रो रेल सेफ्टी कमिश्नर (CMRS) की टीम ने इंदौर में दूसरे फेज का निरीक्षण पूरा कर लिया है। टीम अब दिल्ली में अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी जिसके बाद NOC जारी की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक मार्च के अंत तक मंजूरी मिलने की उम्मीद है।

वहीं इसके बाद अप्रैल 2026 की शुरुआत में गांधीनगर से रेडिसन चौराहा तक मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू हो सकता है। यह इंदौर के ट्रांसपोर्ट सिस्टम के लिए बड़ा बदलाव माना जा रहा है, क्योंकि इससे शहर के व्यस्त इलाकों के बीच सफर आसान होगा।

जानें रूट, स्टेशन और कनेक्टिविटी की पूरी जानकारी

दरअसल इंदौर मेट्रो का दूसरा फेज सुपर कॉरिडोर स्टेशन 3 से मालवीय नगर (रेडिसन चौराहा) तक फैला हुआ है। बता दें कि इस फेज की कुल लंबाई करीब 11 किलोमीटर है और इसमें 11 स्टेशन बनाए गए हैं। वहीं ये स्टेशन शहर के कई अहम पॉइंट्स को जोड़ते हैं जैसे MR-10 रोड, ISBT, विजय नगर और मेघदूत गार्डन जैसे व्यस्त इलाके हैं। दरअसल इस फेज के शुरू होने से खासतौर पर ऑफिस जाने वाले लोगों और स्टूडेंट्स को फायदा मिलेगा। अभी इन रूट्स पर ट्रैफिक का दबाव ज्यादा रहता है, जिससे रोजाना सफर में समय और ईंधन दोनों खर्च होते हैं।

जानिए कितना हो सकता है किराया

जानकारी के अनुसार इंदौर मेट्रो के किराए को छह जोन में बांटा गया है जिससे यात्रियों को दूरी के हिसाब से किराया देना होगा। न्यूनतम किराया 20 रुपए और अधिकतम 80 रुपए तय किया गया है। छोटे सफर के लिए 20-30 रुपए में यात्रा संभव होगी, जबकि लंबी दूरी के लिए किराया बढ़ेगा। यह किराया आम लोगों के बजट को ध्यान में रखकर तय किया गया है। मेट्रो प्रोजेक्ट को तीन फेज में पूरा किया जा रहा है। पहले फेज में पहले ही 6.3 किलोमीटर पर कमर्शियल रन शुरू हो चुका है। अब दूसरा फेज तैयार है और तीसरे फेज पर भी काम शुरू हो गया है। तीसरा फेज सबसे चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें अंडरग्राउंड और एलिवेटेड दोनों तरह के स्टेशन शामिल होंगे, जैसे राजवाड़ा, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट जैसे बड़े लोकेशन।