इंदौर के एक MIC सदस्य और पार्षद को जान से मारने की धमकी मिली है। दरअसल यह धमकी उन्हें एक चिट्ठी के जरिए मिली है, जो उन्हें अपने वार्ड में एक फटा पोस्टर देखने के बाद मौके पर पहुंचने पर मिली। वहीं पार्षद ने इसकी शिकायत भंवरकुआं थाने में दर्ज कराई है।
इंदौर में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है, जहां नगर निगम के एमआईसी (महापौर परिषद) सदस्य और स्थानीय पार्षद को जान से मारने की धमकी मिली है। दरअसल यह गंभीर धमकी उन्हें एक चिट्ठी के जरिए दी गई है, जो उन्हें अपने वार्ड में एक फटा हुआ पोस्टर देखने के बाद मौके पर पहुंचने पर मिली है। इस घटना से स्थानीय राजनीति में हलचल मच गई है। पार्षद ने तुरंत भंवरकुआं थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच शुरू कर दी है।
दरअसल पार्षद ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया है कि उन्हें अपने वार्ड क्षेत्र में एक सरकारी या सार्वजनिक सूचना का पोस्टर फटा हुआ मिला है। जन प्रतिनिधि होने के नाते जब वे इस फटे पोस्टर को देखने और उसकी स्थिति समझने के लिए मौके पर पहुंचे हैं, तो वहीं उन्हें एक अज्ञात चिट्ठी भी मिली है। इस चिट्ठी में साफ तौर पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई है, जिससे वे हैरान रह गए हैं। चिट्ठी का लहजा बेहद आपत्तिजनक और डराने वाला है। पार्षद ने साफ कहा है कि इस तरह की हरकतें उन्हें डराने और उनके जनहित के कामों में रुकावट डालने की सोची-समझी साजिश का हिस्सा हैं। वे किसी भी दबाव में आकर अपने कर्तव्यों से पीछे नहीं हटेंगे।
पार्षद ने दर्ज कराई शिकायत
दरअसल धमकी भरी चिट्ठी मिलने के तुरंत बाद पार्षद बिना किसी देरी के भंवरकुआं थाने पहुंचे हैं और पुलिस अधिकारियों को पूरी घटना की जानकारी दी है। मामले की संवेदनशीलता और पार्षद जैसे जन प्रतिनिधि से जुड़ा होने के कारण एसीपी (सहायक पुलिस आयुक्त) विजय चौधरी तुरंत सक्रिय हुए हैं। एसीपी चौधरी ने पहले थाने में पार्षद से पूरी जानकारी ली है और फिर उनके साथ उस स्थान पर दोबारा गए हैं, जहां से धमकी भरी चिट्ठी मिली है। पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया है और आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ भी की है। साथ ही संभावित सबूत जुटाने के लिए जरूरी कदम भी उठाए गए हैं। पार्षद की ओर से थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कर ली गई है, जिसके आधार पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कई बार अलग-अलग माध्यमों से धमकियां मिल चुकी हैं
पार्षद ने पुलिस को यह भी बताया है कि यह पहली बार नहीं है जब उन्हें इस तरह की जानलेवा धमकियां मिली हैं। उनके अनुसार पिछले कुछ समय में उन्हें कई बार अलग-अलग माध्यमों से धमकियां मिल चुकी हैं। हालांकि इन धमकियों के पीछे कौन लोग हैं और उनका असली उद्देश्य क्या है, यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा है कि उन्हें यह नहीं पता कि उन्हें लगातार क्यों निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन वे अपने पद और जिम्मेदारी को निभाते हुए गलत के खिलाफ आवाज उठाना जारी रखेंगे। पिछली घटनाओं में भी आरोपियों की पहचान नहीं हो सकी थी, इसलिए इस बार पुलिस पर जल्दी कार्रवाई करने का दबाव है।
अपने संकल्प को दोहराते हुए पार्षद ने कहा है कि वे किसी से डरने वाले नहीं हैं और अपने क्षेत्र में होने वाले किसी भी गलत काम, भ्रष्टाचार या अवैध गतिविधियों को उजागर करते रहेंगे। उन्होंने साफ कहा है कि जो भी गलत काम होगा उसे वे जनता के सामने लाएंगे और संबंधित अधिकारियों से उस पर सख्त कार्रवाई करवाएंगे। पार्षद ने धमकी देने वाले अज्ञात लोगों को चेतावनी दी है कि वे अपनी इन हरकतों से बाज आएं, क्योंकि वे निडर होकर अपना काम जारी रखेंगे। उन्होंने यह भी भरोसा जताया है कि पुलिस इस मामले में तेजी से कार्रवाई करेगी और जल्द ही उन लोगों को सामने लाएगी जो इन धमकियों के पीछे हैं। उनका मानना है कि सच्चाई सामने आने पर ही ऐसे असामाजिक तत्वों पर लगाम लग सकेगी।
एसीपी विजय चौधरी ने मीडिया को बताया है कि पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी देखे जा रहे हैं, जिनसे धमकी देने वाले लोगों की पहचान में मदद मिल सकती है। इसके अलावा पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी माध्यमों का भी उपयोग कर रही है, ताकि इस धमकी भरे पत्र के स्रोत तक पहुंचा जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी और जल्द ही दोषियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






