इंदौर के एमटीएच अस्पताल में PG छात्रा की रैगिंग और मानसिक प्रताड़ना की शिकायत के बाद प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। दरअसल विभाग के HOD समेत सीनियर डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही दो वरिष्ठ प्रोफेसरों को ऑब्जर्वर बनाकर विभाग की निगरानी शुरू कर दी गई है। मामले की जांच के लिए तीन अलग-अलग कमेटियां बनाई गई हैं और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।

वहीं अस्पताल प्रशासन ने विभाग के HOD डॉ. नीलेश दलाल समेत शिकायत से जुड़े सीनियर डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही विभाग में सामान्य माहौल बनाए रखने के लिए यूनिट हेड का रोटेशन भी किया गया है और दूसरे प्रोफेसर को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

रैगिंग शिकायत पर तीन कमेटियां बनीं

दरअसल डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने डॉक्टरों, PG विद्यार्थियों और सीनियर रेजिडेंट्स के साथ बैठक कर पूरे मामले पर चर्चा की। बैठक में कार्यस्थल का माहौल, ड्यूटी व्यवस्था, मानसिक तनाव और आपसी संवाद जैसे मुद्दों पर भी बात हुई। उन्होंने साफ कहा कि अस्पताल में रैगिंग को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति लागू है और किसी भी जूनियर को बुली करना, मानसिक दबाव बनाना या अनुचित व्यवहार करना स्वीकार नहीं किया जाएगा। शिकायत के बाद एंटी रैगिंग कमेटी समेत कुल तीन कमेटियों का गठन किया गया है। जांच पूरी होने के बाद इन्हीं कमेटियों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। विभाग की निगरानी के लिए PSM विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. सलील साकल्ले और डॉ. बीना को ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया है। दोनों प्रोफेसर रोज विभाग का माहौल देखेंगे, विद्यार्थियों से सीधे बात करेंगे और किसी भी शिकायत की जानकारी डीन तक पहुंचाएंगे। प्रशासन का कहना है कि इससे विभाग में पारदर्शिता बढ़ेगी और छात्रों की समस्याओं का समय पर समाधान हो सकेगा।

12 घंटे से ज्यादा ड्यूटी नहीं

वहीं अस्पताल प्रशासन ने ड्यूटी व्यवस्था को लेकर भी नए निर्देश जारी किए हैं। डीन ने कहा कि सामान्य परिस्थितियों में PG डॉक्टरों की ड्यूटी प्रतिदिन 8 घंटे रहेगी। केवल इमरजेंसी में ही अधिकतम 12 घंटे तक ड्यूटी कराई जा सकेगी। उन्होंने डॉक्टरों से तनाव की स्थिति में वरिष्ठों, परिवार या मित्रों से संवाद बनाए रखने की भी सलाह दी।

मामले में डॉ. सिम्मी यादव के पिता और भाई की ओर से भी अलग शिकायत दी गई है। प्रशासन के मुताबिक शिकायत में ड्यूटी से जुड़े विवाद के साथ मानसिक प्रताड़ना के आरोप भी शामिल हैं। इसी आधार पर जांच शुरू की गई है।