इंदौर नगर निगम का 8455 करोड़ रुपए का बजट बुधवार को सदन में चर्चा और बहस के लिए रखा जाएगा। दरअसल मंगलवार को बजट पेश होने से पहले ही श्रद्धांजलि के दौरान सदन में हंगामा देखने को मिला था, ऐसे में आज की बैठक में भी जोरदार टकराव के आसार हैं। वहीं महापौर पुष्यमित्र भार्गव का कहना है कि बजट में शहर के विकास पर फोकस रखा गया है और न तो कोई नया टैक्स लगाया गया है और न ही किसी टैक्स की दर बढ़ाई गई है।
दरअसल महापौर पुष्यमित्र भार्गव के मुताबिक परिषद का कार्यकाल अब सीमित समय के लिए बचा है, इसलिए पुराने और अधूरे विकास कार्यों को तेजी से पूरा करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि राजस्व बढ़ाने के लिए निगम पुराने मार्केट्स का पुनर्विकास करेगा, एडवर्टाइजमेंट राइट्स के तहत नई गैन्ट्री लगाएगा और पार्किंग स्थलों को ठेके पर दिया जाएगा। इससे निगम की आय बढ़ेगी और विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन मिल सकेंगे।
पानी और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कामों पर विशेष ध्यान दिया गया
वहीं बजट में पानी और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कामों पर विशेष ध्यान दिया गया है। मास्टर प्लान की सड़कों को समय सीमा में पूरा करने, नई सड़कों का निर्माण करने और अधूरी परियोजनाओं को जल्द पूरा करने पर जोर दिया गया है। इन परियोजनाओं के पूरे होने से शहर में यातायात व्यवस्था बेहतर होने और नागरिकों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
पानी से जुड़े प्रोजेक्ट्स को भी बजट में प्राथमिकता दी गई है। इसमें नर्मदा परियोजना का चौथा चरण शामिल है, जिसका उद्देश्य शहर को पर्याप्त जल आपूर्ति उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही नई पाइपलाइन बिछाने, पुरानी पाइपलाइन बदलने और हर वार्ड में पानी की जांच के लिए टेस्टिंग लैब स्थापित करने की योजना बनाई गई है, ताकि नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित पानी मिल सके।
स्थानीय निवासियों को राहत मिलने की उम्मीद
अमृत-2 और अन्य योजनाओं के तहत पानी, सीवरेज और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए 1500 करोड़ रुपए से अधिक के कार्य किए जाएंगे। इनमें पानी की टंकियां बनाना, सीवरेज सिस्टम को आधुनिक बनाना और अन्य बुनियादी ढांचे का विकास शामिल है। इन योजनाओं से शहर के समग्र विकास को गति मिलने की उम्मीद है। भागीरथपुरा क्षेत्र में ड्रेनेज और पानी की नई लाइन को मजबूत करने की भी योजना बजट में शामिल की गई है। इस क्षेत्र में जल निकासी और पानी की आपूर्ति से जुड़ी समस्याएं लंबे समय से सामने आती रही हैं, ऐसे में इस परियोजना से स्थानीय निवासियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकार को घेरने की तैयारी
वहीं नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने बजट को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है। उनका कहना है कि विपक्ष बजट चर्चा के दौरान सभी मुद्दों को उठाएगा और बजट भाषण में पेश किए गए तथ्यों पर सवाल करेगा। चौकसे का आरोप है कि बजट भाषण में कई तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जिनका जवाब सदन में मांगा जाएगा। विपक्ष साफ-सफाई, स्वच्छता, पानी, सड़क और ट्रैफिक जैसे आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है। इन मुद्दों को लेकर विपक्ष सत्ता पक्ष की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करेगा और शहर की समस्याओं को सदन में प्रमुखता से रखने की बात कह रहा है।






