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इंदौर नगर निगम ने राजवाड़ा पर ढोल बजाकर 57 बड़े बकायादारों के नाम किए सार्वजनिक, 2 करोड़ रुपये की वसूली का बनाया दबाव

Written by:Rishabh Namdev
Published:
इंदौर नगर निगम ने संपत्ति कर न चुकाने वाले 57 बड़े बकायेदारों के खिलाफ एक अनोखी कार्रवाई की है। निगम की टीम ने शहर के ऐतिहासिक राजवाड़ा पर ढोल-नगाड़ों के साथ इन बकायेदारों की सूची सार्वजनिक रूप से चस्पा कर दी, जिन पर करीब 2 करोड़ रुपये का बकाया है। यह कदम आगामी लोक अदालत से पहले वसूली तेज करने के लिए उठाया गया है।
इंदौर नगर निगम ने राजवाड़ा पर ढोल बजाकर 57 बड़े बकायादारों के नाम किए सार्वजनिक, 2 करोड़ रुपये की वसूली का बनाया दबाव

शहर के बड़े संपत्ति कर बकायेदारों से वसूली के लिए इंदौर नगर निगम ने मंगलवार को एक बार फिर अनूठा तरीका अपनाया। निगम की टीम ने शहर के सबसे व्यस्त और ऐतिहासिक स्थल राजवाड़ा पर ढोल बजाते हुए 57 बड़े बकायेदारों के नामों की सूची वाला पोस्टर चस्पा कर दिया। इस सूची में न केवल बकायेदारों के नाम हैं, बल्कि उन पर बकाया राशि का भी स्पष्ट उल्लेख है, जो कुल मिलाकर करीब 2 करोड़ रुपये है।

यह कार्रवाई लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई। निगम का उद्देश्य बकायेदारों पर सामाजिक दबाव बनाकर उन्हें भुगतान के लिए प्रेरित करना है, खासकर तब जब कई नोटिसों और समझाइश का उन पर कोई असर नहीं हुआ।

आगामी लोक अदालत पर नजर

निगम की यह पूरी कवायद 14 मार्च को होने वाली लोक अदालत को ध्यान में रखकर की जा रही है। निगम चाहता है कि अधिक से अधिक बकायेदार लोक अदालत में पहुंचकर अपने कर का भुगतान करें और सरचार्ज में मिलने वाली छूट का लाभ उठाएं। सार्वजनिक रूप से नाम उजागर होने से बकायेदारों पर भुगतान करने का दबाव बढ़ेगा।

जोन 3 के एआरओ अनिल निकम ने इस कार्रवाई के बारे में जानकारी दी।

“इस बार भी जो बड़े बकायादार हैं, जिन्हें कई बार समझाइश दे चुके हैं, नोटिस जारी किए जा चुके हैं कि बकाया राशि जमा करा दें, लेकिन उन्होंने राशि जमा नहीं कराई है, इसलिए उनके नामों की सूची सार्वजनिक करते हुए राजवाड़ा और जोनल ऑफिस पर लगाई है।” — अनिल निकम, एआरओ, जोन 3

उन्होंने यह भी बताया कि यह तरीका पहले भी सफल साबित हो चुका है।

पिछली लोक अदालत में मिली थी बड़ी सफलता

यह पहली बार नहीं है जब नगर निगम ने बकायेदारों की सूची सार्वजनिक की हो। अनिल निकम के अनुसार, पिछली लोक अदालत के समय भी वार्ड 56, 57 और 58 के बड़े बकायेदारों की सूची राजवाड़ा पर लगाई गई थी।

उसका बहुत अच्छा प्रतिसाद मिला था और निगम को 100 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ था। इसी सफलता से उत्साहित होकर निगम ने इस बार फिर वही रणनीति अपनाई है। निगम अधिकारियों ने करदाताओं से अपील की है कि वे लोक अदालत में बकाया राशि जमा कर सरचार्ज में मिलने वाली छूट का लाभ जरूर लें।

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Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev
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