इंदौर नगर निगम की टीम ने स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को लेकर शहर में निरीक्षण किया। वहीं अपर आयुक्त प्रखर सिंह के निर्देश पर जोन 22 और वार्ड 36 के बायपास क्षेत्र में की गई जांच के दौरान होटल शेरेटन में गीले कचरे के निपटान से जुड़ी अनियमितताएं सामने आईं है। इसके बाद नगर निगम ने संबंधित नियमों के तहत होटल पर 2.50 लाख रुपए का स्पॉट फाइन किया है।
वहीं जांच के दौरान नगर निगम की टीम को होटल परिसर में उपलब्ध OWC मशीन का इस्तेमाल गीले कचरे से खाद बनाने के लिए नहीं किए जाने की बात सामने आई। इसके अलावा गीले कचरे का तय प्रक्रिया के मुताबिक निपटान नहीं मिलने और अवैध तरीके से उसके निपटान की स्थिति भी पाई गई। नगर निगम ने इन्हीं अनियमितताओं को आधार बनाकर कार्रवाई की।
गीले कचरे के निपटान में मिली लापरवाही
दरअसल होटल और बड़े प्रतिष्ठानों से निकलने वाले गीले कचरे के प्रबंधन को लेकर नगर निगम लगातार निरीक्षण कर रहा है। बायपास क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान शेरेटन होटल में इसी व्यवस्था की जांच की गई। टीम को परिसर में OWC मशीन उपलब्ध मिली, लेकिन गीले कचरे से खाद तैयार करने के लिए उसका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा था। निरीक्षण में यह भी सामने आया कि होटल से निकलने वाले गीले कचरे का निर्धारित तरीके से उचित निपटान नहीं किया जा रहा था।
2 लाख 50 हजार रुपए का स्पॉट फाइन
नगर निगम के मुताबिक गीले कचरे के अवैध निपटान की स्थिति भी सामने आई। इसके बाद ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के प्रावधानों के तहत होटल पर 2 लाख 50 हजार रुपए का स्पॉट फाइन लगाया गया। वहीं कार्रवाई के दौरान सीएसआई विकास कुमार मिश्रा, सीएसआई जोन 22 अनिकेत सिंह, एआरओ जोन 22 सलमान खान सहित नगर निगम की टीम मौजूद रही। कार्रवाई का फोकस होटल परिसर में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था और नियमों के पालन की स्थिति की जांच पर रहा।
6 प्रतिष्ठानों के खिलाफ चालानी कार्रवाई
दरअसल नगर निगम ने केवल ठोस कचरा प्रबंधन ही नहीं बल्कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग व्यवस्था को लेकर भी कार्रवाई की। शहर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए निरीक्षण के दौरान अलग-अलग प्रतिष्ठानों की जांच की गई। नियमों में लापरवाही मिलने पर 6 प्रतिष्ठानों के खिलाफ चालान बनाए गए। कार्रवाई में श्री अष्टविनायक सोया प्रोडक्ट, सेक्टर-ए, बजरंगपुरा नाले के पास पर सबसे ज्यादा 1 लाख 11 हजार रुपए का चालान किया गया। इसके अलावा रेहान मेटल ट्रेडर्स पर 10 हजार रुपए, श्री पेपर इंडस्ट्री पर 5 हजार रुपए, न्यू अपेक्स इंजीनियरिंग पर 5 हजार रुपए और पालीवाल इंडस्ट्रीज पर 5 हजार रुपए की चालानी कार्रवाई हुई।






