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इंदौर नगर निगम की कार्रवाई, ड्रेनेज का पानी बोरिंग में मिलने पर 2.10 लाख रुपए का स्पॉट फाइन

इंदौर नगर निगम की टीम ने बुधवार को साउथ तुकोगंज क्षेत्र में रेन वाटर हार्वेस्टिंग व्यवस्था की जांच की। इस दौरान नाथ मंदिर रोड पर कई भवनों और प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। निगम ने नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए कुल 2 लाख 10 हजार रुपए का स्पॉट फाइन लगाया।
इंदौर नगर निगम की कार्रवाई, ड्रेनेज का पानी बोरिंग में मिलने पर 2.10 लाख का स्पॉट फाइन

इंदौर नगर निगम ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग और भूजल स्रोतों की सुरक्षा को लेकर साउथ तुकोगंज क्षेत्र में कार्रवाई की है। दरअसल जोन-11 के वार्ड-55 स्थित नाथ मंदिर रोड पर भवनों और प्रतिष्ठानों की जांच के दौरान कहीं रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था नहीं मिली तो कुछ परिसरों में ड्रेनेज का पानी बोरिंग में मिलने की स्थिति सामने आई। इसी को देखते हुए निगम ने अलग-अलग मामलों में कुल 2 लाख 10 हजार रुपए का स्पॉट फाइन लगाया है।

वहीं जांच के दौरान इठलाती साड़ी, राजेंद्र गुप्ता/शांति गुप्ता, गिरीश लद्दाख और मुनीरा कुदरती के परिसरों का निरीक्षण किया गया। निगम के मुताबिक इन परिसरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग का प्रावधान नहीं मिला। वहीं कुछ परिसरों में ड्रेनेज का पानी बोरिंग में मिलने की स्थिति भी सामने आई। निगम ने नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए कुल 2 लाख 10 हजार रुपए का स्पॉट फाइन लगाया। कार्रवाई नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल के निर्देश पर की गई।

जांच में ड्रेनेज कनेक्शन पर भी कार्रवाई

दरअसल नगर निगम की कार्रवाई सिर्फ रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं होने तक सीमित नहीं रही। जांच के दौरान ड्रेनेज का पानी बोरिंग में मिलने की स्थिति पाए जाने पर भी कार्रवाई की गई। निगम का कहना है कि बारिश के पानी को जमीन में पहुंचाने की व्यवस्था के साथ यह देखना भी जरूरी है कि बोरिंग और भूजल स्रोत किसी दूसरे पानी से प्रभावित न हों। इसी वजह से निरीक्षण के दौरान रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था के साथ ड्रेनेज कनेक्शन की स्थिति भी देखी जा रही है।

इस स्थिति में की जा सकती है कार्रवाई

निगम के अनुसार शहर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की अनिवार्यता का पालन कराने के लिए लगातार निरीक्षण किए जा रहे हैं। इस अभियान के तहत भवनों और प्रतिष्ठानों में यह देखा जा रहा है कि वहां रेन वाटर हार्वेस्टिंग का प्रावधान है या नहीं। साथ ही भूजल स्रोतों की सुरक्षा को लेकर भी नियमों का पालन कराया जा रहा है। निगम ने स्पष्ट किया है कि ड्रेनेज का पानी बोरिंग में मिलाने जैसी स्थिति मिलने पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

वहीं कार्रवाई के दौरान झोनल अधिकारी गीतेश तिवारी, बिल्डिंग ऑफिसर अंकेश बिरथरिया सहित निगम की टीम मौजूद रही। एनजीओ टीम ने भी भवन संचालकों और क्षेत्रवासियों को समझाइश दी। उन्हें रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने, ड्रेनेज का पानी बोरिंग में नहीं मिलाने और परिसर में स्वच्छता बनाए रखने के लिए कहा गया।

दो दिन में 11 भवनों पर 3.30 लाख रुपए का जुर्माना

बता दें कि इंदौर नगर निगम की रेन वाटर हार्वेस्टिंग से जुड़ी कार्रवाई पिछले दो दिनों से जारी है। निगम के अनुसार इस दौरान कुल 11 भवनों पर कार्रवाई की गई और 3 लाख 30 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। इन कार्रवाई में होटल हॉलिडे, KFC, इठलाती साड़ी सहित अन्य भवन और संस्थान शामिल हैं। बुधवार को साउथ तुकोगंज में हुई कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा रही। यहां निगम की टीम ने अलग-अलग परिसरों की स्थिति देखी और जहां नियमों का पालन नहीं मिला, वहां स्पॉट फाइन लगाया।

Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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