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Indore News : दिसंबर में औसतन 5 मरीज प्रतिदिन, कोरोना को लेकर बढ़ाई सतर्कता

Written by:Atul Saxena
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इंदौर, आकाश धोलपुरे। कोरोना (Corona) के हॉट स्पॉट रह चुके इंदौर (Indore News) में साल के आखरी माह में कोरोना कोहराम मचा रहा है। आर्थिक राजधानी इंदौर में 1 दिसम्बर से लेकर अब तक हर रोज औसतन 5 मरीज प्रतिदिन सामने आ रहे हैं। जिसके बाद अब चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है।

बता दें कि 1 दिसम्बर से लेकर आज तक जो कोरोना रिपोर्ट सामने आई है उसके हिसाब से अब तक अकेले दिसम्बर माह में कोरोना संक्रमण के 70 मामले सामने आए हैं। इस 70 मरीजों में नाइजीरिया से आया एक परिवार भी शामिल है जिसमे माँ और दो बच्चे कोरोना संक्रमण के शिकार पाए गए थे। वहीं दिसम्बर माह में 10 से ज्यादा बच्चे कोरोना का शिकार हुए हैं जो इंदौर के लिहाज एक बड़ी चिंता का विषय है।

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कोरोना के नए वेरियंट ओमिक्रोन की आशंका और ऊपर से बढ़ते संक्रमण के मामलों के बाद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। इधर, नगर निगम की टीम भी चिह्नित मरीजों के घर जाकर उन्हें अस्पताल में इलाज कराने की सलाह दे रही है।

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चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के मुताबिक सोमवार को 5 नए संक्रमित सामने आए है जिनका इलाज कोविड अस्पतालों में जारी है। बता दें कि अब तक कोरोना संक्रमण के कुल मरीजों की संख्या 153422 तक जा पहुंची है जबकि 1393 लोग कोरोना से अपनी जान गंवा चुके हैं वहीं 151974 लोग कोरोना से जंग जीत चुके हैं ।

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दिसम्बर में सामने आ रहे मरीजों की बढ़ती संख्या को देखकर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वो मास्क पहनकर निकले और भीड़ भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचे। फिलहाल, इंदौर एक बार फिर कोरोना की रडार पर है ऐसे में घनी आबादी वाले मिनी मुंबई में बचाव के लिए सतर्कता ही सटीक उपाय बताया जा रहा है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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