इंदौर शहर में नशे के खिलाफ छेड़ी गई जंग ने अब एक नए मुकाम को छू लिया है। युवाओं को नशे के दलदल से बाहर निकालने और एक स्वस्थ, नशामुक्त समाज की परिकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से इंदौर पुलिस द्वारा चलाए गए “नशे से दूरी है जरूरी” विशेष जनजागरूकता अभियान का गुरुवार को भव्य समापन हुआ। ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस गरिमामय समारोह ने न केवल इंदौर, बल्कि पूरे प्रदेश में 15 जुलाई से चले इस अनूठे अभियान की सफलता को रेखांकित किया। यह अभियान समाज के हर वर्ग, विशेषकर युवा पीढ़ी को नशे के गंभीर दुष्प्रभावों से अवगत कराने और उन्हें एक सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने पर केंद्रित था।
इंदौर पुलिस ने इस महत्वपूर्ण अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए आधुनिक तकनीक और डिजिटल माध्यमों का बखूबी इस्तेमाल किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अन्य डिजिटल चैनलों के माध्यम से लगभग 13 करोड़ लोगों तक जागरूकता का संदेश पहुंचाया गया। यह संख्या अभियान की व्यापक पहुंच और जनमानस पर इसके गहरे प्रभाव का प्रमाण है। नशे के खिलाफ जनचेतना फैलाने के इस प्रयास को समाज के विभिन्न वर्गों से व्यापक समर्थन और सराहना मिली, जो यह दर्शाता है कि नशे की समस्या से निपटने के लिए सामूहिक इच्छाशक्ति कितनी प्रबल है।
स्कूल-कॉलेजों से लेकर सड़कों तक चला नशामुक्ति अभियान
अभियान के दौरान शहर के कोने-कोने में कई प्रभावशाली जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में विशेष सत्र, सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर रैलियां, सार्वजनिक स्थानों पर नुक्कड़ नाटक और शपथ ग्रहण कार्यक्रम शामिल थे। इन गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को नशे के चंगुल से दूर रहने तथा एक स्वस्थ और सार्थक जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। इन कार्यक्रमों ने न केवल जागरूकता फैलाई, बल्कि लोगों को नशे के खिलाफ अपनी आवाज उठाने और सक्रिय रूप से इस लड़ाई में शामिल होने के लिए भी प्रोत्साहित किया।
पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने सभी सहयोगियों का जताया आभार
समापन समारोह में बोलते हुए इंदौर के पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने अभियान की सफलता के लिए सभी सहयोगियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें पूरे समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। कमिश्नर सिंह ने कहा, “जनभागीदारी के बिना नशे जैसी गंभीर समस्या से प्रभावी ढंग से निपटना संभव नहीं है। यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम अपने समाज को नशे के अभिशाप से मुक्त करें।” उनके इस संबोधन ने उपस्थित जनसमूह में एक नई ऊर्जा का संचार किया।
‘नशे से दूरी है जरूरी’ अभियान ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
इस अभियान का एक और महत्वपूर्ण पहलू इंदौर पुलिस की ऐतिहासिक उपलब्धि रही। “नशे से दूरी है जरूरी” अभियान के तहत किए गए असाधारण और व्यापक जनजागरूकता प्रयासों के लिए इंदौर पुलिस का नाम प्रतिष्ठित वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया। यह सम्मान न केवल इंदौर पुलिस के अथक प्रयासों को मान्यता देता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे एक स्थानीय पहल वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकती है। समारोह में वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की टीम ने इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह को आधिकारिक सम्मान-पत्र प्रदान कर इस अद्वितीय उपलब्धि के लिए सम्मानित किया। यह क्षण इंदौर शहर और पुलिस बल के लिए गर्व का विषय था, जिसने नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित किया। यह अभियान केवल एक समापन नहीं, बल्कि नशे के खिलाफ सतत संघर्ष की प्रेरणा भी है।






