इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र में हुई बैंककर्मी युवती पलक केशव की मौत के मामले में पुलिस ने जांच तेज करते हुए बड़ा खुलासा किया है। तपेश्वरी बाग इलाके में 26 जुलाई को मिले युवती के जले हुए शव की जांच के बाद पुलिस ने इसे हत्या का मामला बताया है।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में मृतका के पुराने परिचित मयंक शाक्य को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया कि दोनों के बीच करीब पांच साल से संपर्क था। पुलिस का दावा है कि शादी को लेकर विवाद के बाद आरोपी ने युवती की हत्या की और घटना को दूसरा रूप देने की कोशिश की। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
जले हुए शव से शुरू हुई पुलिस की जांच
जानकारी के मुताबिक, 26 जुलाई को इंदौर के तपेश्वरी बाग इलाके में एक महिला का जला हुआ शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना के बाद खजराना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
शुरुआत में घटना को लेकर कई सवाल सामने आए। कमरे की स्थिति और अन्य परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस ने हर पहलू से जांच शुरू की। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत की बात सामने आने के बाद पुलिस को हत्या का संदेह हुआ। इसके बाद मामले की जांच हत्या के एंगल से आगे बढ़ाई गई।
सीसीटीवी और मोबाइल जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने विशेष टीम बनाई। जांच टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
इसके साथ ही मृतका के मोबाइल रिकॉर्ड और कॉल डिटेल की भी जांच की गई। पुलिस को जांच के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति के बारे में जानकारी मिली, जो घटना से पहले युवती से मिलने आया था। जांच आगे बढ़ने पर संदिग्ध की पहचान दतिया निवासी मयंक शाक्य के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस टीम ने उसकी तलाश शुरू की और उसे गिरफ्तार कर लिया।
5 साल पुराने रिश्ते में विवाद
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में यह जानकारी सामने आई कि आरोपी और मृतका एक-दूसरे को करीब पांच साल से जानते थे। जांच में यह बात सामने आई कि दोनों के बीच रिश्ते थे और शादी को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस का कहना है कि शादी से इनकार करने के बाद आरोपी नाराज था। पुलिस के मुताबिक, इसी विवाद के बाद घटना को अंजाम देने की बात सामने आई है। हालांकि मामले में आगे की जांच अभी जारी है और पुलिस अन्य सबूत भी जुटा रही है।
सबूत मिटाने की कोशिश का आरोप
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद घटना को हादसा या आत्महत्या जैसा दिखाने की कोशिश की गई। जांच में कमरे में आग लगाने के प्रयास के संकेत मिले हैं।
पुलिस का कहना है कि आरोपी ने कथित तौर पर सबूत मिटाने की कोशिश की। इस संबंध में भी जांच की जा रही है कि घटना के बाद आरोपी ने क्या-क्या कदम उठाए। फॉरेंसिक टीम द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों और अन्य जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
आरोपी मयंक शाक्य गिरफ्तार
पुलिस ने आरोपी मयंक शाक्य को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी दतिया का रहने वाला है और इलेक्ट्रिशियन का काम करता है। अब पुलिस आरोपी से घटना से जुड़े अन्य पहलुओं पर पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के समय कमरे में क्या हुआ था और हत्या के बाद आरोपी ने किस तरह सबूत मिटाने की कोशिश की।

पुलिस अधिकारियों ने बताई जांच की पूरी प्रक्रिया
एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह के अनुसार, पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तेजी से जांच की। घटनास्थल की जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जानकारी के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई गई। पुलिस का कहना है कि अपराध की जांच में हर छोटे सुराग की अहम भूमिका होती है। इसी वजह से टीम ने सभी उपलब्ध साक्ष्यों को जोड़कर मामले की जांच आगे बढ़ाई।






