मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश देखने को मिल रही है। बीते 24 घंटे की बात करें तो अलग-अलग क्षेत्र में 36 से 145 मिमी तक बारिश दर्ज की गई है। मंगलवार दोपहर से हो रही झमाझम बारिश ने जनजीवन भी प्रभावित कर दिया है। सुरक्षा की दृष्टि से इन रास्तों पर आवागमन बंद कर दिया गया है।
बारिश की वजह से नदी नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। खैरलांजी क्षेत्र के दैतबर्रा मंगलेगांव पुल और वारासिवनी लालबर्रा मार्ग पर मौजूद टोंडीया नाला उफान पर है। इससे नागरिकों को लंबा घूम कर जान पड़ रहा है।
उफान पर है नाला
स्थानी लोगों के मुताबिक सुबह से ही नाले के ऊपर से पानी बहने लगा था और देखते ही देखते पानी का असर 1 मीटर से ज्यादा हो गया। सुरक्षा की दृष्टि से आवागमन रोक दिया गया है जिसकी वजह से बस, कार, दोपहिया दोनों तरफ लंबी कतार में खड़े हुए दिखाई दिए। स्कूल जाने वाले बच्चों और नौकरी पर जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मार्ग बंद होने से लोगों को वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। हालांकि, कुछ लोग ऐसे भी हैं जो जान जोखिम में डालकर नाला पार कर रहे हैं।
भारी बारिश का अनुमान
बता दें कि मौसम विभाग की ओर से जो पूर्वानुमान जारी किया गया है। इसके मुताबिक 29 और 30 जुलाई को भारी और बहुत भारी बारिश की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली गिरने का अनुमान है। ऐसे में निचले इलाकों में जल भराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
प्रशासन की जनता से अपील
स्थिति को देखते हुए प्रशासन में नागरिकों से नदी नालों के पास न जाने और बच्चों को जल भराव वाले स्थान से दूर रखने की अपील की है। पुलिस और राजस्व विभाग की टीम द्वारा मौके की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। यह कहा जा रहा है कि जैसे ही जलस्तर कम होगा आवागमन बहाल कर दिया जाएगा। लेकिन जब तक पानी का स्तर कम नहीं होता तब तक नदी नाले पार करने का प्रयास न करें।






