मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के लिए गर्व की खबर सामने आई है। जिले के मंझारा गांव के रहने वाले युवा सिद्धार्थ गेडाम का चयन विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2026 के लिए राष्ट्रीय स्तर पर हुआ है। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने न केवल बालाघाट, बल्कि पूरे जबलपुर संभाग का नाम रोशन किया है। सबसे खास बात यह रही कि कार्यक्रम के दौरान उन्हें दूसरी बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे संवाद करने का अवसर मिला।
ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने वाले सिद्धार्थ गेडाम की सफलता आज कई युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। उनकी मेहनत, तैयारी और समाज के प्रति सोच ने उन्हें देशभर के चुनिंदा प्रतिभागियों में शामिल किया। अब उनके चयन की चर्चा पूरे जिले में हो रही है और लोग इसे युवाओं के लिए एक नई उम्मीद के रूप में देख रहे हैं।
कैसे हुआ सिद्धार्थ गेडाम का चयन?
सिद्धार्थ गेडाम का चयन भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय और गृह मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2026 के लिए हुआ।
यह कार्यक्रम देश के ऐसे युवाओं को आगे लाने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है जो अपने गांव, समाज और देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाना चाहते हैं। इसमें देशभर से बड़ी संख्या में युवाओं ने आवेदन किया था, लेकिन चयन केवल उन्हीं प्रतिभागियों का हुआ जिन्होंने अपनी प्रतिभा, ज्ञान और नेतृत्व क्षमता का बेहतर प्रदर्शन किया।
बालाघाट के सिद्धार्थ गेडाम इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में चयनित होकर जबलपुर संभाग के आदिवासी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले इकलौते युवा बने। यह उपलब्धि जिले के लिए बेहद खास मानी जा रही है।
माय भारत पोर्टल से शुरू हुआ सफलता का सफर
सिद्धार्थ गेडाम ने बताया कि उनकी यात्रा माय भारत पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन से शुरू हुई। आवेदन के बाद उन्हें कई चरणों से गुजरना पड़ा। सबसे पहले उन्होंने ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।
इसके बाद निबंध लेखन प्रतियोगिता हुई, जिसमें उन्होंने ग्रामीण विकास, युवा भागीदारी और विकसित भारत जैसे विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। दोनों चरण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद उनका चयन राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम के लिए हुआ। यह सफलता उनकी लगातार मेहनत और तैयारी का परिणाम मानी जा रही है।
दूसरी बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिला संवाद का अवसर
सिद्धार्थ गेडाम के लिए इस कार्यक्रम का सबसे यादगार पल वह रहा जब उन्हें दूसरी बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे संवाद करने का अवसर मिला। कलेक्ट्रेट के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ ग्रामीण विकास, युवा नेतृत्व, सामुदायिक भागीदारी और विकसित भारत 2047 जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री से संवाद के दौरान सिद्धार्थ ने अपने क्षेत्र के अनुभव और युवाओं की भूमिका से जुड़े विचार भी साझा किए। उन्होंने बताया कि गांवों के विकास में युवाओं की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है और यदि युवाओं को सही अवसर मिले तो वे देश के विकास में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
पांच जिलों में इकलौते राष्ट्रीय प्रतिभागी बने सिद्धार्थ
सिद्धार्थ गेडाम ने बताया कि बालाघाट, सिवनी, मंडला, नैनपुर और छिंदवाड़ा सहित क्षेत्र के पांच जिलों में राष्ट्रीय स्तर पर चयनित होने वाले वे अकेले युवा हैं।
यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि इस क्षेत्र से बड़ी संख्या में युवाओं ने आवेदन किया था। राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने के लिए उन्हें कई चरणों की तैयारी करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री से संवाद के लिए उन्होंने कई दिनों तक अभ्यास किया ताकि अपने विचार स्पष्ट और प्रभावी तरीके से रख सकें।
देशभर के करीब 150 गांवों के युवाओं से जुड़ा कार्यक्रम
कार्यक्रम में देश के अलग-अलग राज्यों के करीब 150 गांवों के युवाओं ने भाग लिया। बालाघाट जिले के विभिन्न विकासखंडों से जुड़े स्वयंसेवक भी कार्यक्रम में शामिल हुए। शाम को शुरू हुए इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं से सीधा संवाद किया और उनसे गांवों के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।






