लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधनों की रोकथाम, संशोधन विधेयक, 2026 (Public Examinations Prevention of Unfair Means Amendment Bill, 2026) पेश होने के बाद उसपर चर्चा की जा रही है, कल मंगलवार रात 11 बजे तक इसपर चर्चा हुई विपक्षी सांसदों ने अपनी बात रखी आज भी चर्चा जारी है लेकिन इस बीच समाजवादी पार्टी ने राम मंदिर चढ़ावा दान चोरी के मुद्दे पर अपने सांसदों के साथ संसद परिसर में प्रदर्शन किया, अखिलेश ने राम मंदिर मुद्दे को पेपर लीक से जोड़ते हुए मोदी सरकार पर निशाना साधा।
पेपर लीक मुद्दे पर बहस के बीच आज समाजवादी पार्टी ने राम मंदिर का मुद्दा उठाया, अखिलेश यादव ने अपनी पार्टी के सांसदों के साथ मकर द्वार के बाहर राम मंदिर दान चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर प्रदर्शन किया, उनके हाथ में एक दान पात्र था और नारे लिखे पोस्टर थे जिप्स्र लिखा था चंदा चोर गद्दी छोड़, चढ़ावा चोर गड्डी छोड़ .. समाजवादी पार्टी के सांसद यही नारे भी लगा रहे थे… सांसदों ने नारे लगाये दान का पैसा कहाँ गया BJP के खाते में …
ये सरकार खुद ही सबसे बड़ा संकट है
मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा जो लोग ‘दान-पात्र’ को नहीं बचा पाए जो श्रद्धा से दिए गए चढ़ावे को नहीं बचा पाए उनसे पेपर लीक रोकने या परीक्षा रद्द न होने देने की उम्मीद कैसे की जा सकती है? संदेश साफ़ है जो लोग श्रद्धा के साथ खिलवाड़ कर सकता है, वे हमारे युवाओं के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं। जब तक ये सरकार नहीं जाएगी ये होता रहेगा, ये सरकार खुद ही सबसे बड़ा संकट है।
डिंपल यादव ने योगी आदित्यनाथ से भी मांगा जवाब
डिंपल यादव ने संसद परिसर में मौजूद सांसदों से दान पात्र में चन्दा डालने का अनुरोध किया फिर उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा- लोग अपनी आस्था और श्रद्धा के साथ मंदिर आए और उन्होंने भगवान राम के चरणों में दान और चंदा दिया, लेकिन बीजेपी के लोगों और उनके साथियों ने इस चंदे को भी हड़प लिया। अयोध्या में इतनी बड़ी घटना हुई। हमारे मुख्यमंत्री भी लगातार अयोध्या का दौरा कर रहे थे, ये उनकी भी ज़िम्मेदारी है कि वे बताएं कि यह घोटाला कैसे हुआ, उन्होंने कहा SIT का गठन सिर्फ़ लोगों का ध्यान भटकाने की एक औपचारिकता है ताकि ऐसे मुद्दे दब जाएँ। उन्होंने कहा समाजवादी पार्टी सदन में सभी अहम मुद्दों को ज़ोर-शोर से उठाने की पूरी कोशिश करेगी।






