इंदौर में एक बार फिर कानून को हाथ में लेने की बर्बर घटना सामने आई है, जहाँ चोरी के आरोप में पकड़े गए दो युवकों को सरेआम बेरहमी से पीटा गया। यह घटना तब प्रकाश में आई जब मारपीट का एक सनसनीखेज वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला इंदौर के अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र अंतर्गत केसरबाग रेलवे ब्रिज के पास का है। बताया जाता है कि दो युवक गायत्री नगर स्थित एक सूने मकान में चोरी की नीयत से घुस गए थे। उनकी यह कोशिश नाकाम रही, क्योंकि घर में मौजूद एक महिला ने समय रहते शोर मचा दिया। महिला की आवाज सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और दोनों युवकों को भागते समय स्थानीय लोगों ने घेरकर पकड़ लिया।
हाथ-पैर बांधकर रेलवे पटरी के पास की बेरहमी से पिटाई
पकड़े जाने के बाद इन युवकों के साथ जो हुआ, वह कानून के राज पर गंभीर सवाल खड़े करता है। भीड़ ने कानून को अपने हाथों में लेते हुए पहले दोनों युवकों के हाथ-पैर बांध दिए। इसके बाद उन्हें घसीटकर रेलवे पटरी के पास ले जाया गया, जहाँ बेल्ट, लात-घूंसों और मुक्कों से उनकी जमकर पिटाई की गई। इस दौरान मौजूद कुछ लोगों ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो में युवकों को दर्द से कराहते और रहम की भीख मांगते साफ देखा जा सकता है, लेकिन बेरहम भीड़ उन्हें लगातार पीटती रही।
वायरल वीडियो के सामने आने के बाद इंदौर पुलिस ने इस पूरे मामले को गंभीरता से संज्ञान में लिया है। अन्नपूर्णा थाना पुलिस ने तत्काल प्रकरण दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। एडिशनल डीसीपी शिवेंदु जोशी ने बताया कि पुलिस के प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिन दो युवकों को पीटा गया है, उनके खिलाफ पहले से भी चोरी के कई आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है, भले ही सामने वाला अपराधी ही क्यों न हो।
वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान में जुटी पुलिस
पुलिस अब वायरल वीडियो के आधार पर मारपीट करने वाले उन युवकों की पहचान करने में जुटी है, जिन्होंने कानून को ताक पर रखकर इस बर्बर कृत्य को अंजाम दिया। एडिशनल डीसीपी जोशी ने सख्त लहजे में कहा कि मारपीट में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन इस तरह की घटनाओं को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। यह घटना एक बार फिर समाज में बढ़ती अराजकता और कानून के प्रति लोगों की लापरवाही को उजागर करती है, जिस पर पुलिस प्रशासन गंभीरता से विचार कर रहा है और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कह रहा है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि न्याय केवल कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से ही हो, न कि भीड़ द्वारा।






