लोकायुक्त पुलिस लगातार रिश्वतखोरों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है इसके बावजूद भ्रष्ट सरकारी मुलाजिम अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे, इसी क्रम में लोकायुक्त संगठन ने आज प्रदेश में तीन जगह भूस खोर शासकीय सेवकों को रंगे हाथों दबोचा है, लोकायुक्त पुलिस की टीम ने ग्वालियर नगर निगम के कार्यपालन यंत्री को 6000/ रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा, वे ठेकेदार की फ़ाइल पर हस्ताक्षर करने के बदले रिश्वत ले रहे थे वहीं दमोह में एक रोजगार सहायक को 8000/- रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा वो पीएम आवास योजना में रिश्वत ले रहा है, इसके अलावा लोकायुक्त पुलिस ने तीसरा एक्शन झाबुआ में किया है।
किसान की कृषि भूमि का सर्वे नंबर फार्मर आईडी में दर्ज करना एक शासकीय प्रक्रिया है जिसके करना किसी भी शासकीय सेवक का काम है ये उसकी जिम्मेदारी बनती है और इसमें उसे कोई अधिक श्रम भी नहीं करना पड़ता लेकिन देखने में आ रहा है कि ऐसी छोटे छोटे काम के लिए भी सरकारी कर्मचारी किसानों को परेशान करते हैं उससे रिश्वत मांगते हैं, एक ऐसा ही रिश्वतखोर पटवारी आज लोकायुक्त पुलिस के जाल में फंसा है, टीम ने उसे रंगे हाथ रिश्वत लेते पकड़ा है।
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय इंदौर से मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम मोतापाडा मोहनपुरा उप तहसील सारंगी, तहसील पेटलावद, झाबुआ के रहने वाले किसान पुनिया भूरिया ने एक शिकायती आवेदन दिया जिसमें उन्होंने आरोप लगाये कि हल्का पटवारी संजय अमलियार उनसे रिश्वत की मांग कर रहे हैं।
आवेदन में किसान पुनिया भूरिया ने बताया कि उसके पास कृषि भूमि के 06 सर्वे नम्बर है जिसमें से 5 सर्वे नम्बर फार्मर आर्डडी पर दर्ज हैं तथा एक सर्वे नम्बर को फार्मर आईडी पर दर्ज करने एवज में पटवारी संजय अमलियार द्वारा 2,000/- रुपये रिश्वत की मांग की जा रही है।
2000/- रुपये रिश्वत पर बिगड़ी पटवारी की नीयत
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय ने सत्यापन करवाया। शिकायत सत्यापन के दौरान पटवारी ने किसान से 2,000/- रुपये रिश्वत की मांग की। जिस पर आज 30 जुलाई 2026 को लोकायुक्त निरीक्षक सचिन पटेरिया के नेतृत्व में टीम गठित कर ट्रैप दल गठित किया गया और झाबुआ भेजा गया।
रिश्वत हाथ में आते ही पटवारी गिरफ्तार
निर्धारित समय पर लोकायुक्त पुलिस इंदौर की टीम ने शिकायतकर्ता किसान पुनिया भूरिया को कैमिकल लगे नोट दिए और पटवारी के बताये स्थान उप तहसीलदार कार्यालय सारंगी मीटिंग हॉल में भेजा वहां जैसे ही किसान ने रिश्वत की राशि 2000/- रुपये पटवारी संजय अमलियार को बाहर खड़ी लोकायुक्त पुलिस की टीम ने उसे दबोच लिया और उसके पास से रिश्वत की राशि जब्त कर ली, आरोपी पटवारी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम की धाराओं में अन्तर्गत अपराध पंजीबद्ध कर जांच में लिया गया है।






