भ्रष्टाचार पर सख्ती के चलते मध्य प्रदेश में लगातार कार्रवाई हो रही हैं, लोकायुक्त सहित अन्य एजेंसियां घूसखोर शासकीय सेवकों को गिरफ्तार कर रहे हैं, इसी क्रम में आज लोकायुक्त पुलिस इंदौर की टीम ने एक महिला क्लर्क के पति को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है वो अपनी पत्नी के कहने पर रिश्वत की राशि लेने गया था।
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय इंदौर से मिली जानकारी के मुताबिक पेटलावद जिला झाबुआ के रहने वाले मल सिंह ठाकुर नामक व्यक्ति ने उनके कार्यालय में एक शिकायती आवेदन दिया था जिसमें जिला आयुष कार्यालय झाबुआ में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 श्रीमती रत्नाप्रेम पंवार पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाये थे।
शिकायत में कमल सिंह ठाकुर ने बताया कि वो शासकीय आयुर्वेद औषधालय पेटलावद से कम्पाउण्डर के पद से 28 फरवरी 2026 को सेवानिवृत्त हुआ है। उसे सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली पेंशन, ग्रेज्यूटी, अर्जित अवकाश एवं समयमान वेतनमान का लाभ मिलना है। प्रकरण के बिल तैयार करने एवं कोषालय से राशि निकलवाने के एवज में कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 श्रीमती रत्नाप्रेम पंवार उससे 12,000/- रुपये की रिश्वत मांग रही हैं।
रिश्वत लेने पति को भेजा, लोकायुक्त पुलिस ने पकड़ा
शिकायत मिलने के बाद एसपी के निर्देश पर इसका सत्यापन कराया गया जिसमें रिश्वत मांगे जाने की बात सही निकली, सत्यापन में शिकायत सही पाये जाने पर आज 20 मार्च को ट्रेपदल का गठन किया गया। क्लर्क रत्नाप्रेम पंवार ने कमल सिंह ठाकुर से 10000/- रुपये रिश्वत की राशि लेने के लिए अपने पति नरेन्द्र पंवार को भेजा और जैसे ही उसने रिश्वत की राशि ली पहले सर तैयार लोकायुक्त पुलिस की टीम ने उसे पकड़ लिया।
पति पत्नी दोनों को बनाया आरोपी
लोकायुक्त पुलिस इंदौर की टीम ने इस मामले में जिला आयुष कार्यालय झाबुआ में पदस्थ सहायक ग्रेड -2 श्रीमती रत्ना प्रेम पंवार और उसके पति नरेन्द्र पंवार दोनों को आरोपी बनाया है, पुलिस ने रिश्वत के रूप में ली गई राशि बरामद कर ली है और आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।






