कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने रविवार को बिदादी उपनगर परियोजना को लेकर सीएम डीके शिवकुमार पर हमला बोला था और लैंड माफिया जैसे आरोप लगाए थे। अब कांग्रेस ने कुमारस्वामी के बयान पर तीखा पलटवार किया है।
कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि एचडी कुमारस्वामी जब कर्नाटक के मुख्यमंत्री थे, तब उनका रुख क्या था, यह सभी जानते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुमारस्वामी दोहरे मापदंड अपना रहे हैं और भाजपा द्वारा राज्यसभा नहीं भेजे जाने से निराश हैं।
सुरजेवाला कहा, जब कांग्रेस के पास पर्याप्त संख्या बल था, तब हमने पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा का समर्थन किया था। लेकिन जब भाजपा की बारी आई, तो उसने जेडीएस और कुमारस्वामी को ही नजरअंदाज कर दिया। उन्होंने ने आगे कहा कि भाजपा से नाराज होने के बावजूद कुमारस्वामी उससे सवाल पूछने के बजाय बिना किसी ठोस आधार के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और कांग्रेस सरकार पर आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कुमारस्वामी को नसीहत देते हुए कहा कि दूसरों पर आरोप लगाने से पहले उन्हें अपने बयानो पर आत्ममंथन और अपने राजनीतिक आचरण पर विचार करने की आवश्यकता है।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, रविवार को कुमारस्वामी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा था कि कांग्रेस सरकार बिदादी उपनगर परियोजना के लिए उपजाऊ कृषि भूमि का जबरदस्ती अधिग्रहण कर रही है। इस परियोजना का बड़े पैमाने पर विरोध होने के बावजूद किसानों को डराया-धमकाया जा रहा है। कांग्रेस सरकार खुद लोगों की जमीन लूटने में लगी है। मुख्यमंत्री ने इस धंधे को चलाने के लिए सीधे तौर पर रियल एस्टेट माफियाओं से हाथ मिला लिया है।
इतना ही नहीं कुमारस्वामी ने सीएम शिवकुमार की संपत्ति को लेकर भी निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री को राज्य के लोगों को बताना चाहिए कि इतनी संपत्ति कैसे जमा की जा सकती है और कोई इतनी जल्दी अमीर कैसे बन सकता है। यह लोगों के लिए भी बहुत फायदेमंद होगा। इस बयान पर सुरजेवाला ने पलटवार किया है।
सुरजेवाला ने बढ़ते तेल और गैस दामों को लेकर सरकार को घेरा
रणदीप सिंह सुरजेवाला ने देश में बढ़ते तेल और गैस के दामों को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि चुनाव समाप्त होते ही पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाकर आम जनता की जेब पर भारी बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की वसूली थमने का नाम नहीं ले रही है।
सुरजेवाला ने कहा कि पिछले दो महीनों में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में 8 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। घरेलू गैस सिलेंडर अब 1000 रुपये तक पहुंच गया है, कमर्शियल गैस 3075 रुपये है, हमारी CNG 10 रुपये बढ़ गई है। डीजल की बल्क सेल बंद कर दी गई है, जिसका असर किसानों, सभी अपार्टमेंट मालिकों, छोटे और मीडियम लेवल के उद्योगों और ट्रांसपोर्टरों पर भी पड़ रहा है। उन्होंने पूछा कि कच्चे तेल की कीमतें अब 24 डॉलर प्रति बैरल तक गिर गई हैं, तो सरकार भारत में कीमतें कम क्यों नहीं कर रहे हैं?
उन्होंने कहा, हमें पेट्रोल और डीजल के लिए 100 रुपये से ज्यादा क्यों देने पड़ रहे हैं। अगर कीमतों को अंतर्राष्ट्रीय कीमतों के हिसाब से एडजस्ट किया जाए, तो पेट्रोल की कीमत 25 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल की कीमत 15-20 रुपये प्रति लीटर कम हो जाएगी।





