संसद के मानसून सत्र के नौवें दिन भी सदन में जोरदार हंगामे के बीच महत्वपूर्ण ‘वंदे मातरम्’ विधेयक लोकसभा में पारित कर दिया गया। एक ओर जहां दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज तथा राम मंदिर चंदा चोरी के मुद्दों को लेकर विपक्षी नेताओं ने संसद भवन के बाहर अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा, वहीं सदन के भीतर भी गहमागहमी बनी रही। लोकसभा में विपक्षी सांसदों की लगातार नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही को पहले दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।
दोपहर तीन बजे केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक विधेयक राज्यसभा में पेश किया, जिस पर चर्चा के लिए 7 घंटे का समय रखा गया। सरकार की मंशा इन विधेयकों को जल्द से जल्द दोनों सदनों से पारित कराकर कानून का रूप देने की है। इसी बीच, आज लोकसभा में ‘वंदे मातरम्’ विधेयक भी पारित हो गया, जिसे राज्यसभा पहले ही अपनी मंजूरी दे चुकी थी।
बुधवार लोकसभा में ‘एंटी पेपर लीक बिल’ पारित
इससे पूर्व, लोकसभा की विगत आठ दिन की कार्यवाही भी हंगामेदार रही है। बुधवार को भी लोकसभा में ‘एंटी पेपर लीक बिल’ पर तीखी बहस देखने को मिली, जो बाद में सदन से पारित हो गया। इस दौरान सत्तापक्ष के सदस्यों ने ‘राहुल गांधी माफी मांगो’ के नारे बुलंद किए, तो वहीं कांग्रेस के सदस्यों ने ‘एलओपी को बोलने दो’ और ‘गृह मंत्री जवाब दो’ जैसे नारों से सदन को गुंजायमान कर दिया। सदन में काफी देर तक गतिरोध की स्थिति बरकरार रही। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि सड़कों पर इस देश के भविष्य ने जो किया, वह मात्र गुस्सा, हिंसा अथवा नफरत नहीं थी, अपितु यह युवाओं की अभिव्यक्ति थी और सत्तारूढ़ दल सहित सभी दलों को इसका सम्मान करना चाहिए।
राहुल गांधी के भाषण के दौरान सत्ता पक्ष का जोरदार विरोध
राहुल गांधी के भाषण के दौरान सत्ता पक्ष के कई नेताओं ने बार-बार विरोध दर्ज कराया। हालांकि, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हस्तक्षेप करते हुए राहुल गांधी से अपना भाषण जारी रखने का आग्रह किया और सत्तापक्ष के सदस्यों से उनके भाषण के मध्य में टीका-टिप्पणी न करने की अपील की। इसके उपरांत, नेता प्रतिपक्ष ने अपना संबोधन जारी रखा। तथापि, दोनों पक्षों के मध्य नोकझोंक की स्थिति बनी रही, जिसके चलते सदन की कार्यवाही को पहले ढाई बजे और तत्पश्चात तीन बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। कार्यवाही अपराह्न तीन बजे पुनः आरंभ होने पर, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने विधेयक पर हुई चर्चा का विस्तृत जवाब दिया। इसके उपरांत, सदन ने उक्त विधेयक को ध्वनिमत से अपनी मंजूरी प्रदान कर दी।
राज्यसभा से पहले ही पास हो चुका है ‘वंदे मातरम्’ बिल
राज्यसभा द्वारा पहले ही स्वीकृत किए जाने के बाद, अब लोकसभा ने भी ‘वंदे मातरम्’ को कानूनी संरक्षण प्रदान करने वाले इस महत्वपूर्ण विधेयक को अपनी मंजूरी दे दी है। यह विधेयक ‘Prevention of Insults to National Honour Act, 1971’ में संशोधन का प्रस्ताव करता है, जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के जानबूझकर अपमान करने अथवा उसके गायन में बाधा उत्पन्न करने को एक दंडनीय अपराध की श्रेणी में रखा जाएगा। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रीय गान ‘जन गण मन’ के समान वैधानिक संरक्षण प्रदान करना है।






