इंदौर में गुरुवार को शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे से पंढरीनाथ थाने में करीब तीन घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ की गई। दरअसल यह पूछताछ कांग्रेस कार्यालय के बाहर हाल ही में हुए भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विवाद से जुड़े मामले में की गई। जैसे ही इसकी जानकारी पार्टी कार्यकर्ताओं को मिली, बड़ी संख्या में कांग्रेसी थाने के बाहर पहुंच गए और पूरे घटनाक्रम पर नाराजगी जताने लगे।
दरअसल पुलिस की कार्रवाई के दौरान थाने के बाहर लगातार भीड़ बढ़ती रही। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि चिंटू चौकसे को जरूरत से ज्यादा समय तक थाने में बैठाकर मानसिक दबाव बनाने की कोशिश की गई। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच के लिए सभी संबंधित लोगों से तथ्य जुटाए जा रहे हैं और पूछताछ उसी प्रक्रिया का हिस्सा है। फिलहाल इस मामले में किसी नई गिरफ्तारी या अन्य कानूनी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
कांग्रेस ने लगाए राजनीतिक दबाव के आरोप
वहीं चिंटू चौकसे से लंबी पूछताछ के बाद कांग्रेस नेताओं ने खुलकर पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया। पार्टी नेताओं का कहना है कि यदि केवल बयान दर्ज करना था तो इतनी लंबी पूछताछ की जरूरत नहीं थी। कांग्रेस नेता शैलेष गर्ग ने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेताओं को निशाना बनाकर प्रशासन राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी नेता से पूछताछ कानून के दायरे में होनी चाहिए, लेकिन अनावश्यक रूप से घंटों तक बैठाना उचित नहीं माना जा सकता।
विवाद की जांच पुलिस के लिए भी अहम
दूसरी ओर, भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुए विवाद की जांच पुलिस के लिए भी अहम बनी हुई है। ऐसे मामलों में पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर घटनाक्रम की पूरी कड़ी समझने की कोशिश करती है। इसी वजह से कई बार पूछताछ लंबी भी हो सकती है। हालांकि कांग्रेस का कहना है कि अगर जांच निष्पक्ष है तो सभी पक्षों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए। फिलहाल इस मामले ने इंदौर की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और दोनों दल अपने-अपने पक्ष को मजबूती से सामने रख रहे हैं।






