विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने एक वर्षीय पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम को ऑनलाइन मोड या ओपन डिस्टेंस लर्निंग (ODL) मोड में पूरा करने की अनुमति दे दी है। हालांकि इसके लिए कुछ शर्तें भी लागू होंगी। आयोग ने नए नियमों को लेकर एक सर्कुलर अपनी आधिकारिक वेबसाइट https://www.ugc.gov.in/ पर जारी की है। इससे पहले केवल 2 साल के पीजी प्रोग्राम को ही ऑनलाइन और ओडीएल मोड में ऑफर करने की अनुमति उच्च शिक्षा संस्थानों को थी।
एक वर्षीय ऑनलाइन पीजी प्रोग्राम में दाखिले के लिए भी सख्त नियम होंगे। यूजीसी ने सर्कुलर में स्पष्ट किया है कि जिन छात्रों ने हॉनर्स के साथ 4 वर्षीय अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम (UG) पूरा कर लिया है, वे उन्हें ही एक साल के ऑनलाइन पीजी प्रोग्राम में एडमिशन मिलेगा।
सर्कुलर में आयोग ने कहा कि, “एमबीए, एमसीए, पीजीडीएम वगैरह जैसे प्रोग्राम के लिए एंट्री लेवल एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया समय-समय पर संबंधित रेगुलेटरी बॉडी द्वारा बताई गई पात्रता मानदंडों के अनुसार ही होंगे।”
किन कॉलेजों को मिली अनुमति?
सभी संस्थानों को यह सुविधा देने की अनुमति यूजीसी ने दी है। संस्थानों के लिए भी नियम सख्त होंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि उन्हीं उच्च शिक्षा संस्थानों ऑनलाइन और ओडीएल मोड के जरिए 1 साल के पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम ऑफर करने की इजाजत होगी, जिन्हें ओडीएल और ऑनलाइन मोड में इसी तरीके के 2 साल के पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम को यूजीसी ने पहले ही मान्यता दे दी है।
इन दिशानिर्देशों का पालन भी जरूरी
1 वर्षीय पीजी प्रोग्राम को लॉन्च करने से पहले विश्वविद्यालय को अकादेमिक बॉडी की अनुमति भी लेनी होगी। जिसमें बॉर्ड ऑफ स्टडीज, अकादेमी काउंसिल और एग्जीक्यूटिव काउंसिल शामिल हैं। पाठ्यक्रम, लर्निंग रिसोर्सेस, असेसमेंट, क्रेडिट फ्रेमवर्क और दूसरे सभी अकादेमी जरूरतें यूजीसी द्वारा निर्धारित रेगुलेशन और कानूनी नियमों के हिसाब से पूरी होंगी। यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत उठाया गया है। 28 जुलाई को संशोधित गाइडलाइंस जारी की गई है, जो 24 जुलाई को जारी नोटिफिकेशन का स्थान लेने वाली है।
यहाँ देखें यूजीसी का सर्कुलर





