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3 मई को होगा इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर का भूमिपूजन, सिक्स लेन सड़क से बदलेगी मालवा की तस्वीर

Written by:Bhawna Choubey
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इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर का 3 मई को भूमिपूजन होगा। सिक्स लेन सड़क और औद्योगिक जोन से इंदौर और मालवा में रोजगार, व्यापार और तेज कनेक्टिविटी की नई शुरुआत होने जा रही है।
3 मई को होगा इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर का भूमिपूजन, सिक्स लेन सड़क से बदलेगी मालवा की तस्वीर

मध्य प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्रों में गिने जाने वाले इंदौर और पीथमपुर के बीच अब एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर लंबे समय से चर्चा में था, लेकिन अब इसकी जमीन पर शुरुआत की तारीख भी तय हो चुकी है। 3 मई को इस बड़े प्रोजेक्ट का भूमिपूजन होने जा रहा है, जिससे पूरे मालवा क्षेत्र में नई उम्मीद जगी है।

यह प्रोजेक्ट सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि विकास की एक मजबूत कड़ी बनने जा रहा है। जब यह कॉरिडोर तैयार होगा, तो इंदौर से पीथमपुर की दूरी और समय दोनों कम हो जाएंगे, जिससे उद्योग, व्यापार और रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।

3 मई को होगा भूमिपूजन, तैयारियां तेज

इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के भूमिपूजन की तारीख 3 मई तय की गई है। इस दिन मोहन यादव इस परियोजना की आधारशिला रखेंगे। प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां भी तेजी से शुरू हो चुकी हैं और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पूरी योजना बनाई जा रही है।

इस कॉरिडोर को प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है। सरकार का फोकस भी इस पर साफ नजर आ रहा है, क्योंकि इससे सीधे तौर पर औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

20 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर, सिक्स लेन सड़क से बदलेगी रफ्तार

इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर करीब 20 किलोमीटर लंबा होगा। इसका निर्माण नैनोद से एबी रोड तक किया जाएगा। इस सड़क की खास बात यह है कि यह करीब 250 फीट चौड़ी होगी और इसे सिक्स लेन के रूप में विकसित किया जाएगा।

इस प्रोजेक्ट पर लगभग 329 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। सिक्स लेन सड़क बनने से वाहनों की आवाजाही आसान होगी और ट्रैफिक की समस्या भी काफी हद तक कम हो जाएगी।

अभी इंदौर से पीथमपुर पहुंचने में करीब 40 मिनट का समय लगता है, लेकिन इस कॉरिडोर के बनने के बाद यह समय घटकर करीब 20 मिनट रह जाएगा। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि परिवहन लागत भी कम होगी।

औद्योगिक जोन का विस्तार, निवेश और रोजगार में तेजी

इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि इसके आसपास औद्योगिक जोन विकसित किए जाएंगे। कॉरिडोर के दोनों तरफ 300 मीटर से लेकर 5 किलोमीटर तक के क्षेत्र में उद्योगों को बसाने की योजना बनाई गई है।

इससे नए उद्योग स्थापित होंगे और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। यह प्रोजेक्ट खासतौर पर युवाओं के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है, क्योंकि इससे रोजगार के नए दरवाजे खुलेंगे। इंदौर और पीथमपुर पहले से ही औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं। ऐसे में यह कॉरिडोर इन दोनों को और मजबूत तरीके से जोड़ने का काम करेगा।

जमीन अधिग्रहण और किसानों के लिए योजना

इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी जारी है। सरकार ने इसे चरणबद्ध तरीके से पूरा करने की योजना बनाई है। इसके लिए करीब 268 करोड़ रुपए के टेंडर भी जारी किए जा चुके हैं।

किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह भी तय किया गया है कि ली जाने वाली जमीन का 60 प्रतिशत हिस्सा उन्हें वापस दिया जाएगा। इससे किसानों को नुकसान कम होगा और वे भी इस विकास का हिस्सा बन सकेंगे। यह कदम सरकार की उस सोच को दिखाता है, जिसमें विकास के साथ-साथ किसानों का भी ध्यान रखा जा रहा है।

इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर का असर

इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर सिर्फ एक सड़क परियोजना नहीं है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र के विकास का आधार बनने जा रहा है। इससे उद्योगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे उत्पादन और सप्लाई दोनों में तेजी आएगी।

इसके साथ ही व्यापारियों को भी फायदा होगा, क्योंकि सामान की ढुलाई में समय और खर्च दोनों कम होंगे। इससे बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी। यह कॉरिडोर मालवा क्षेत्र को एक नई पहचान देने में भी मदद करेगा और इसे एक बड़े औद्योगिक हब के रूप में विकसित करेगा।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
मुझे लगता है कि कलम में बहुत ताकत होती है और खबरें हमेशा सच सामने लाती हैं। इसी सच्चाई को सीखने और समझने के लिए मैं रोज़ाना पत्रकारिता के नए पहलुओं को सीखती हूँ। View all posts by Bhawna Choubey
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