इंदौर में अनंत चतुर्दशी यानि गणेश विसर्जन के दौरान निकले झांकी चल समारोह में अखाड़ों ने शानदार प्रदर्शन के साथ अपनी कला और दमखम का प्रदर्शन किया। बेहतर प्रदर्शन के साथ अखाड़ों ने अनुशासन का भी परिचय दिया। जिससे पूरे चल समारोह में उत्साह और आकर्षण देखने को मिला। इस दौरान इस साल पुलिस ने एक नई पहल शुरू की है। इंदौर पुलिस ने अखाड़ों के बेहतर प्रदर्शन और अनुशासन को प्रोत्साहित करने के लिए पुलिस कमिश्नरेट ने पहली बार ‘अखाड़ा गौरव सम्मान’ की शुरुआत की है।

जानकारी के अनुसार, समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अखाड़ों के उस्तादों को सम्मानित किया गया। पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने बताया कि सुरक्षा, अनुशासन और आयोजन की गरिमा को ध्यान में रखते हुए अखाड़ों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया।

इंदौर में अखाड़ों को मिला विशेष सम्मान

कमिश्नर संतोष सिंह के अनुसार, झांकी चल समारोह में प्रथम स्थान हासिल करने वाले चंद्रपाल उस्ताद व्यायामशाला को पुलिस प्रशासन की ओर से विशेष सम्मान दिया गया। वहीं श्री दास हनुमान व्यायामशाला ने दूसरा और बृजलाल अखाड़ा ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। पुलिस ने अखाड़ों की प्रशंसा करते हुए सम्मानित किया है।

सुरक्षा और अनुशासन के आधार पर अखाड़ों का चयन

पुलिस प्रशासन ने अखाड़ों की जांच के लिए सुरक्षा, अनुशासन, शांतिपूर्ण व्यवस्था और गरिमापूर्ण आयोजन सहित कई नियम तय किए थे। इन्हीं के आधार पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले अखाड़ों का चयन किया गया। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि इंदौर के अखाड़ों की परंपरा सालों पुरानी है और इस ऐतिहासिक परंपरा को आगे बढ़ाने में अखाड़ों की अहम भूमिका है। इसी परंपरा को प्रोत्साहित करने के लिए पुलिस ने पहली बार अखाड़ों को सम्मानित करने की पहल की है। चल समारोह में बड़ी संख्या में अखाड़ों के साथ महिलाएं और बच्चे भी शामिल हुए।

पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों और वॉलेंटियर्स का सम्मान

पुलिस के अनुसार, आयोजन शांतिपूर्ण और गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। व्यवस्था में योगदान देने वाले पुलिस अधिकारी-कर्मचारी, आरक्षक स्तर के जवान, नगर रक्षा समिति के सदस्य, वॉलेंटियर्स और अन्य सहयोगियों को भी सम्मानित किया गया है। इसके साथ ही पुलिस का कहना है कि इस पहल से आने वाले वर्षों में अखाड़ों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, अनुशासन और सुरक्षा की भावना को बढ़ावा मिलेगा।

इंदौर से शकील अंसारी की रिपोर्ट