इंदौर की रंगपंचमी गेर इस बार एक नई वजह से चर्चा में है। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव, उत्तर प्रदेश के सह प्रभारी और पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल ने कहा है कि वे विशेष हेलिकॉप्टर के जरिए गेर में शामिल हुरियारों पर फूलों और गुलाल की वर्षा करेंगे। शहर में यह पहली बार होगा जब गेर के दौरान इस तरह आसमान से स्वागत किया जाएगा।
घोषणा के बाद गेर की तैयारियों और पारंपरिक स्वरूप पर चर्चा तेज हुई है, क्योंकि इंदौर में रंगपंचमी का यह आयोजन सिर्फ त्योहार नहीं, बल्कि सामूहिक भागीदारी का बड़ा सार्वजनिक उत्सव माना जाता है। हर साल बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल होते हैं और शहर के कई हिस्सों में रंगों का जुलूस निकलता है।
हेलिकॉप्टर से पुष्प और गुलाल वर्षा की घोषणा
पटेल ने कहा कि इस बार गेर में भाग लेने वाले लोगों का स्वागत अलग तरीके से किया जाएगा। उनके अनुसार, यह कदम किसी राजनीतिक कार्यक्रम की तरह नहीं, बल्कि इंदौर की परंपरा के सम्मान के रूप में देखा जाना चाहिए।
“गेर इंदौर की आत्मा है। यह हमारी पहचान और परंपरा है। इस बार हम हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा कर इस गौरवशाली उत्सव का सम्मान करेंगे और इंदौर की जनता के प्रति अपना प्रेम प्रकट करेंगे। यह अपनी तरह का पहला स्वागत होगा, जो इस उत्सव के उत्साह को दोगुना कर देगा।” — सत्यनारायण पटेल
उनके बयान में यह भी स्पष्ट किया गया कि लक्ष्य गेर की ऐतिहासिक पहचान को बड़े प्रतीकात्मक तरीके से सामने लाना है।
क्यों खास है इंदौर की गेर
इंदौर की गेर को लंबे समय से शहर की सामाजिक समरसता की पहचान माना जाता है। रंगपंचमी पर निकलने वाले इस आयोजन में जात-पात और ऊंच-नीच से ऊपर उठकर लोग साथ आते हैं। यही वजह है कि इसे स्थानीय सांस्कृतिक जीवन का केंद्र भी माना जाता है।
इतिहासकारों और स्थानीय परंपरा से जुड़े लोगों के अनुसार, गेर की शुरुआत रियासत काल में होलकर राजवंश के समय हुई थी। समय के साथ इसका स्वरूप बड़ा हुआ और यह शहर की सार्वजनिक पहचान का हिस्सा बन गया।
सांस्कृतिक धरोहर के रूप में मान्यता की कोशिश
गेर को व्यापक सांस्कृतिक पहचान दिलाने की दिशा में प्रयास पहले से जारी हैं। इस परंपरा को यूनेस्को की सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल कराने की पहल भी चल रही है। ऐसे में इस बार हेलिकॉप्टर से प्रस्तावित पुष्प और गुलाल वर्षा को कई लोग गेर की दृश्यात्मक प्रस्तुति का नया आयाम मान रहे हैं।
फिलहाल, मुख्य संदेश यही है कि इंदौर की पारंपरिक गेर इस बार भी सामूहिक भागीदारी के साथ निकलेगी, लेकिन इसमें आसमान से होने वाला स्वागत एक नया अध्याय जोड़ेगा।






