इंदौर के मल्हारगंज थाना क्षेत्र में हर साल रंगपंचमी की पूर्व संध्या पर होने वाला बजरबट्टू सम्मेलन इस बार रद्द कर दिया गया है। यह आयोजन लगातार 28 साल से होता आया था और इस वर्ष इसका 29वां संस्करण प्रस्तावित था। आयोजकों के मुताबिक अंतिम निर्णय गुरुवार शाम लिया गया।
आयोजन से जुड़े अशोक चौहान ‘चांदू नेता’ ने कहा कि तैयारियां करीब एक महीने से चल रही थीं और व्यवस्थाएं भी लगभग पूरी कर ली गई थीं। उनका कहना है कि इस कार्यक्रम का एक बड़ा आकर्षण मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का विशेष गेटअप रहता है, जिसे देखने लोग दूर-दूर से आते हैं।
“हम एक महीने से तैयारी कर रहे थे, सारी व्यवस्थाएं हो चुकी थीं। कार्यक्रम में शामिल होने से मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इनकार कर दिया, इसलिए हमने सम्मेलन निरस्त कर दिया। इससे हमें बहुत दु:ख है।” — अशोक चौहान ‘चांदू नेता’
मेट्रो खुदाई का तर्क भी सामने आया था
इससे पहले अशोक चौहान ने आयोजन रद्द होने की एक और वजह बताई थी। उनके अनुसार, कार्यक्रम स्थल के आसपास मेट्रो ट्रेन का काम चल रहा है और सड़क की खुदाई के कारण मंच लगाने की पर्याप्त जगह नहीं बची। उन्होंने कहा था कि मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के अधिकारियों से रंगपंचमी के बाद काम शुरू करने का अनुरोध किया गया, लेकिन उस पर सहमति नहीं बनी।
चौहान ने यह भी कहा था कि आयोजन की तैयारियों पर लगभग पांच लाख रुपये खर्च किए जा चुके थे। कई बुकिंग पहले ही की जा चुकी थीं और संबंधित लोगों को एडवांस भुगतान भी दे दिया गया था, जिससे आर्थिक नुकसान हुआ।
फैसले की जानकारी मंत्री को दी गई
आयोजकों का कहना है कि सम्मेलन निरस्त करने का निर्णय लेने के बाद इसकी जानकारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को भी दे दी गई। फिलहाल इस साल रंगपंचमी से पहले होने वाला यह परंपरागत कार्यक्रम आयोजित नहीं होगा।
पहले भी एक बार टला था सम्मेलन
बजरबट्टू सम्मेलन दो साल पहले भी नहीं हो सका था। उस समय लोकसभा चुनाव के दौरान लागू आचार संहिता के कारण आयोजकों ने कार्यक्रम स्थगित किया था।
इस आयोजन की पहचान मंत्री विजयवर्गीय के अलग-अलग रूपों से भी जुड़ी रही है। वे पिछले वर्षों में चाचा चौधरी, सचिन तेंदुलकर, चाणक्य, सुभाचंद्र बोस और रॉक स्टार जैसे गेटअप में कार्यक्रम में शामिल होते रहे हैं।






