घरेलू इक्विटी बाजार ने शुक्रवार, 6 मार्च को कमजोर शुरुआत के बाद दबाव बनाए रखा। सेंसेक्स लगभग 500 अंक यानी 0.65% गिरकर 79,500 के आसपास ट्रेड करता दिखा, जबकि निफ्टी 150 अंक यानी 0.60% टूटकर 24,600 के करीब पहुंच गया।
सुबह के कारोबार में बिकवाली का केंद्र बैंकिंग, रियल्टी और ऑटो काउंटर रहे। चौतरफा गिरावट नहीं थी, लेकिन बड़े सेक्टोरल इंडेक्स में कमजोरी ने बेंचमार्क पर असर डाला। बाजार की चाल से यह साफ रहा कि पिछले सत्र की तेजी के बाद मुनाफावसूली का दबाव भी बना हुआ है।
किन शेयरों और सेक्टरों पर ज्यादा दबाव रहा
आज के सत्र में बैंक, रियल्टी और ऑटो शेयरों में अपेक्षाकृत अधिक गिरावट दर्ज की गई। इन तीनों सेक्टरों का वेटेज बाजार की दिशा तय करने में अहम रहता है, इसलिए इनके कमजोर रहने से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों पर असर ज्यादा दिखा।
बाजार के रुझान में यह भी देखा गया कि निवेशकों ने जोखिम वाले हिस्सों में नई खरीद के बजाय सतर्कता दिखाई। इसी वजह से प्रमुख सूचकांक दिन की शुरुआत से ही लाल निशान में बने रहे।
एशियाई बाजारों का संकेत: एकतरफा नहीं, मिला-जुला रुख
एशिया से आए संकेत मिश्रित रहे। साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 89 अंक यानी 1.59% गिरकर 5,495 पर रहा। दूसरी ओर जापान का निक्केई 212 अंक यानी 0.38% चढ़कर 55,490 पर ट्रेड करता दिखा। हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 438 अंक यानी 1.73% बढ़कर 25,760 पर पहुंचा, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट 10 अंक यानी 0.25% ऊपर 4,118 पर रहा।
इन आंकड़ों से साफ है कि क्षेत्रीय बाजारों में दिशा एक जैसी नहीं रही। कुछ बाजारों में खरीद बनी रही, लेकिन घरेलू सूचकांकों में दबाव का असर अलग से दिखाई दिया।
अमेरिकी बाजारों की पिछली चाल और घरेलू पृष्ठभूमि
5 मार्च को अमेरिकी बाजारों में कमजोरी दर्ज हुई थी। डाउ जोन्स 785 अंक यानी 1.61% गिरकर 47,955 पर बंद हुआ। टेक आधारित नैस्डैक कंपोजिट 0.26% फिसलकर 22,749 पर बंद हुआ, जबकि S&P 500 इंडेक्स 39 अंक यानी 0.56% टूटकर 6,831 पर आ गया।
इसके उलट, भारतीय बाजार ने एक दिन पहले 5 मार्च को मजबूत तेजी दिखाई थी। उस सत्र में सेंसेक्स 900 अंक यानी 1.14% चढ़कर 80,016 पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 285 अंक यानी 1.17% की बढ़त के साथ 24,766 पर बंद हुआ। उस दिन ऑटो, मेटल, फार्मा और एनर्जी शेयरों में खरीद देखने को मिली थी।
यानी लगातार दो कारोबारी सत्रों में तस्वीर बदली हुई रही—पहले तेज बढ़त और अब गिरावट। फिलहाल 6 मार्च के सत्र में बाजार का झुकाव निचले स्तरों की ओर रहा, जहां सेक्टोरल बिकवाली ने प्रमुख सूचकांकों की चाल तय की।






