इंदौर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने गुरुवार को सयाजी होटल का निरीक्षण किया। वहीं जांच के दौरान किचन, कोल्ड स्टोरेज और ड्राई स्टोरेज में कई कमियां मिलीं। अधिकारियों ने करीब 66 किलो बिना पैकिंग का नॉनवेज खाद्य पदार्थ पाया, जबकि कई खाद्य सामग्री की लेबलिंग और तापमान प्रबंधन में भी अनियमितताएं सामने आईं।
किचन और स्टोरेज एरिया की जांच के दौरान खाद्य विभाग ने कई बिंदुओं पर आपत्ति दर्ज की। अधिकारियों के मुताबिक कोल्ड स्टोरेज में वेज और नॉनवेज खाद्य सामग्री एक साथ रखी गई थी। सी-फूड, चिकन और मटन के लिए अलग-अलग स्टोरेज की व्यवस्था नहीं मिली। निरीक्षण में यह भी पाया गया कि कई खाद्य पदार्थ निर्धारित तापमान पर सुरक्षित नहीं रखे जा रहे थे। पैक्ड कुल्फी पर निर्माण तिथि, एक्सपायरी डेट और बैच नंबर का उल्लेख नहीं था। वहीं फ्रोजन डेजर्ट को मेन्यू में आइसक्रीम के नाम से दर्शाया गया था।
सयाजी होटल के किचन में मिलीं कई अनियमितताएं
खाद्य विभाग की टीम को स्टोर रूम में रखी मूंगफली में फंगस मिला। इसके अलावा सड़े हुए टमाटर और आलू भी स्टोरेज में रखे पाए गए। कई खाद्य उत्पाद बिना उचित लेबल के रखे हुए थे, जबकि कुछ टॉपिंग के टेट्रापैक लीक मिले, जिससे खाद्य सामग्री के दूषित होने की आशंका जताई गई। निरीक्षण के दौरान किचन परिसर में कॉकरोच दिखाई दिए और चूहों की लीद भी मिली। अधिकारियों ने पैलेट के नीचे भी चूहों की मौजूदगी के संकेत दर्ज किए। ड्राई स्टोरेज की दीवारों और फर्श में दरारें भी पाई गईं। टीम ने यह भी देखा कि गीले और सूखे कचरे के लिए अलग-अलग व्यवस्था नहीं थी। अधिकारियों ने इन सभी बिंदुओं को निरीक्षण रिपोर्ट में शामिल किया और संबंधित खाद्य सामग्री की जांच प्रक्रिया शुरू कर दी।
सैंपल जांच पर आगे होगी कार्रवाई
दरअसल निरीक्षण के दौरान होटल के खाद्य लाइसेंस से जुड़ी कई बातें भी सामने आईं। अधिकारियों के मुताबिक लाइसेंस में नॉनवेज गतिविधि का उल्लेख नहीं था, जबकि मौके पर नॉनवेज खाद्य सामग्री का उपयोग किया जा रहा था। इसी तरह बेकरी और स्वीट्स का भी लाइसेंस में उल्लेख नहीं मिला, जबकि होटल में इन-हाउस बेकरी और मिठाइयों का निर्माण किया जा रहा था। फाइव स्टार होटल के सेंट्रल लाइसेंस को लेकर भी विभाग ने आपत्ति दर्ज की है। जांच के दौरान पनीर, कच्चे नॉनवेज, पैक्ड पनीर, सौंफ और ड्राई फ्रूट्स समेत कई खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार इन सभी नमूनों को खाद्य परीक्षण के लिए भेजा गया है और रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।






