इंदौर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बुधवार को भोलाराम उस्ताद मार्ग स्थित मीरा गार्डन के पास संचालित एक बिरयानी सेंटर को सील कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक यह सेंटर बिना खाद्य लाइसेंस के चल रहा था। जांच के दौरान वेज बिरयानी, इडली-सांभर और उपमा तैयार किया जा रहा था। बिरयानी में अजीनोमोटो का इस्तेमाल मिला, जबकि मिर्च पाउडर और सौंफ के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार कार्रवाई सीएम हेल्पलाइन पर मिली शिकायत के आधार पर की गई। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि जिस परिसर में खाद्य पदार्थ तैयार किए जा रहे थे और जहां उनकी बिक्री हो रही थी, दोनों जगह वैध खाद्य लाइसेंस मौजूद नहीं था। अधिकारियों का कहना है कि नियमों का पालन नहीं होने के कारण तत्काल कार्रवाई करते हुए बिरयानी सेंटर को सील कर दिया गया।
इंदौर खाद्य सुरक्षा कार्रवाई में बिरयानी सेंटर सील
जांच के दौरान टीम ने पाया कि मौके पर वेज बिरयानी, इडली-सांभर और उपमा तैयार कर ग्राहकों को बेचा जा रहा था। अधिकारियों के मुताबिक खाद्य सामग्री सर्वानंद नगर स्थित एक परिसर में तैयार की जा रही थी और वहां से खंडवा रोड सहित शहर के अलग-अलग आउटलेट तक पहुंचाई जा रही थी। निरीक्षण के दौरान मिर्च पाउडर और सौंफ में कृत्रिम रंग मिलाए जाने की आशंका सामने आई। विभाग ने दोनों के नमूने लेकर खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेज दिए हैं। इसके अलावा वेज बिरयानी का भी सैंपल जांच के लिए लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई नियमों के अनुसार की जाएगी। जांच में यह भी सामने आया कि निर्माण स्थल और बिक्री केंद्र दोनों जगह खाद्य लाइसेंस उपलब्ध नहीं था। इसके अलावा पानी की जांच रिपोर्ट और पेस्ट कंट्रोल से जुड़े जरूरी दस्तावेज भी मौके पर पेश नहीं किए जा सके।
बिरयानी में मिला अजीनोमोटो
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बिरयानी में अजीनोमोटो यानी मोनोसोडियम ग्लूटामेट (MSG) का इस्तेमाल भी पाया। यह एक फ्लेवरिंग एजेंट है, जिसका उपयोग कई खाद्य पदार्थों में स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। खाद्य विभाग ने इस तथ्य को भी अपनी जांच में दर्ज किया है। विभाग के मुताबिक फिलहाल कार्रवाई का आधार बिना लाइसेंस संचालन और खाद्य सुरक्षा मानकों से जुड़ी कमियां हैं। वहीं मिर्च पाउडर, सौंफ और वेज बिरयानी के नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद यह तय होगा कि खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।






