इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में इस बार दान का ऐसा आंकड़ा सामने आया है, जिसने मंदिर प्रबंधन को भी हैरान कर दिया। मंदिर की 40 दानपेटियों को खोला गया तो उनमें से कुल 1 करोड़ 81 लाख 12 हजार 50 रुपए निकले। मंदिर प्रबंधन के अनुसार, यह अब तक की सबसे बड़ी दान राशि है। खास बात यह है कि पिछली बार के मुकाबले इस बार दान में करीब 47 लाख रुपए की बढ़ोतरी हुई है।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और आस्था के साथ मंदिर में दान का आंकड़ा भी लगातार बढ़ रहा है। पिछले दो साल में सात बार दानपेटियां खोली गईं और उनसे 11 करोड़ रुपए से ज्यादा राशि प्राप्त हुई। इसके अलावा लोग ऑनलाइन माध्यम से भी मंदिर में दान कर रहे हैं। अब दान की बड़ी रकम को सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से गिनने के लिए मंदिर परिसर में नया स्पेशल काउंटिंग हॉल बनाने की तैयारी है।
पहली बार 1.81 करोड़ से ज्यादा का दान
खजराना गणेश मंदिर में इस बार 40 दानपेटियों की गिनती की गई। गिनती पूरी होने के बाद कुल राशि 1,81,12,050 रुपए सामने आई। मंदिर प्रबंधन के अनुसार, यह मंदिर में एक बार की गिनती में मिलने वाली अब तक की सबसे बड़ी राशि है।
इससे पहले मार्च में दानपेटियों की गिनती हुई थी। उस समय मंदिर को 1 करोड़ 33 लाख 67 हजार 724 रुपए मिले थे। यानी इस बार मार्च की तुलना में करीब 47.44 लाख रुपए ज्यादा राशि प्राप्त हुई है।
पांच महीने में दान में 35 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी
इस बार मिली राशि को पिछली गिनती से जोड़कर देखा जाए तो करीब 35.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी सामने आती है। पांच महीने के अंतर में दान राशि का इतना बढ़ना मंदिर प्रबंधन के लिए खास बात है।
खजराना गणेश मंदिर इंदौर ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के प्रमुख गणेश मंदिरों में गिना जाता है। यहां आम दिनों के अलावा त्योहारों और विशेष अवसरों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे समय में मंदिर की दानपेटियों में भी बड़ी मात्रा में राशि जमा होती है।
दानपेटियों में आने वाली रकम में नोटों के साथ सिक्के भी शामिल होते हैं। अलग-अलग दानपेटियों से रकम निकालने के बाद उसे व्यवस्थित तरीके से गिना जाता है। बड़ी राशि होने के कारण इस पूरी प्रक्रिया में काफी समय और कर्मचारियों की जरूरत पड़ती है।
दो साल में 7 बार खोली गईं दानपेटियां
खजराना गणेश मंदिर में पिछले दो वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो दान का आंकड़ा लगातार बड़ा रहा है। इस अवधि में 7 बार दानपेटियां खोली गईं। इन सभी गिनतियों से मंदिर को कुल 11 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि प्राप्त हुई है।
अब मंदिर में बनेगा स्पेशल काउंटिंग हॉल
दान की बढ़ती राशि को देखते हुए मंदिर प्रबंधन अब एक नया स्पेशल काउंटिंग हॉल बनाने की योजना पर काम कर रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य दानपेटियों से निकली राशि की गिनती को सुरक्षित, व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है।
अभी बड़ी संख्या में दानपेटियों की रकम गिनने में कर्मचारियों को काफी समय लग सकता है। एक अलग हॉल बनने के बाद दान की रकम को एक ही स्थान पर लाकर गिना जा सकेगा। इससे पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखना भी आसान होगा।
ऑनलाइन दान में भी बढ़ा लोगों का भरोसा
अब मंदिर में सिर्फ दानपेटियों के जरिए ही पैसा नहीं पहुंच रहा है। श्रद्धालु डिजिटल माध्यम से भी दान कर रहे हैं। पिछले 12 महीनों में खजराना गणेश मंदिर को करीब 75 लाख रुपए का ऑनलाइन दान मिला है।
आज के समय में लोग नकद राशि रखने के बजाय मोबाइल और ऑनलाइन माध्यमों से भुगतान करना ज्यादा आसान समझते हैं। मंदिर में भी इसका असर दिखाई दे रहा है।
ऑनलाइन दान की सुविधा से उन श्रद्धालुओं के लिए भी मंदिर में योगदान देना आसान हो गया है, जो इंदौर से दूर रहते हैं और किसी कारण मंदिर नहीं आ सकते। वे घर बैठे डिजिटल माध्यम से अपनी श्रद्धा के अनुसार दान कर सकते हैं।
रिकॉर्ड दान के साथ बढ़ी जिम्मेदारी भी
खजराना गणेश मंदिर में 1.81 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड दान मिलना निश्चित तौर पर बड़ी उपलब्धि है, लेकिन इसके साथ मंदिर प्रबंधन की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। इतनी बड़ी राशि की गिनती, रिकॉर्ड, सुरक्षा और उपयोग सभी काम तय नियमों के अनुसार होना जरूरी है।
इसी कारण स्पेशल काउंटिंग हॉल की योजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि दान की गिनती के लिए अलग और सुरक्षित स्थान उपलब्ध होता है तो कर्मचारियों के लिए काम आसान होगा और पूरी प्रक्रिया को बेहतर तरीके से रिकॉर्ड किया जा सकेगा।
मार्च की गिनती से कितना बदला आंकड़ा?
अगर इस बार और पिछली गिनती के आंकड़ों को सामने रखकर देखें तो अंतर काफी बड़ा है। मार्च में मंदिर की दानपेटियों से 1,33,67,724 रुपए मिले थे। इस बार यह आंकड़ा बढ़कर 1,81,12,050 रुपए हो गया। यानी करीब 47 लाख 44 हजार रुपए की बढ़ोतरी हुई।






