इंदौर में ट्रैफिक पुलिस ने सड़कों पर तेज आवाज करने वाले मॉडिफाइड साइलेंसर के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। पिछले एक सप्ताह के दौरान शहर के अलग-अलग इलाकों में विशेष अभियान चलाकर 380 से अधिक दोपहिया वाहनों पर कार्रवाई की गई। पुलिस ने सिर्फ चालान ही नहीं काटे, बल्कि मौके पर ही गैरकानूनी तरीके से लगाए गए मॉडिफाइड साइलेंसर भी हटा दिए।
ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, कई बाइक चालक स्टाइल और तेज आवाज के लिए कंपनी के ओरिजिनल साइलेंसर की जगह मॉडिफाइड साइलेंसर लगवा लेते हैं। इससे सड़क पर जरूरत से ज्यादा शोर होता है और आम लोगों के साथ-साथ दूसरे वाहन चालकों को भी परेशानी होती है। पुलिस का कहना है कि ऐसे वाहनों के खिलाफ आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
तेज शोर और स्टंटबाजी रोकने के लिए कार्रवाई
ट्रैफिक डीसीपी राजेश त्रिपाठी के अनुसार यह अभियान सिर्फ नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना लगाने के लिए नहीं, बल्कि लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। उनका कहना है कि मॉडिफाइड साइलेंसर से निकलने वाली तेज आवाज कई बार सड़क पर चल रहे लोगों में डर और असुरक्षा की भावना पैदा करती है।
पुलिस का यह भी कहना है कि कई युवक इन साइलेंसर का इस्तेमाल स्टंटबाजी के दौरान करते हैं, जिससे सड़क हादसों का खतरा बढ़ जाता है। इसी वजह से पिछले एक सप्ताह में शहर के अलग-अलग हिस्सों में विशेष जांच अभियान चलाया गया। जांच के दौरान जिन वाहनों में नियमों के खिलाफ मॉडिफाइड साइलेंसर लगे मिले, उनके चालान काटे गए और मौके पर ही साइलेंसर हटाकर जब्त कर लिए गए। अधिकारियों ने साफ किया है कि सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
ध्वनि प्रदूषण और सड़क सुरक्षा पर रहेगा पुलिस का फोकस
इंदौर ट्रैफिक पुलिस इससे पहले भी मॉडिफाइड साइलेंसर के खिलाफ बड़ा अभियान चला चुकी है। उस दौरान जब्त किए गए कई साइलेंसरों को नष्ट भी किया गया था, ताकि उनका दोबारा इस्तेमाल न हो सके। अब एक बार फिर पुलिस ने संकेत दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार चलते रहेंगे।
बाइट – राजेश त्रिपाठी डीसीपी ट्रैफिक






