मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से रीढ़ की हड्डी की सेहत और तंदुरुस्ती को लेकर एक बेहद सकारात्मक और अच्छी खबर सामने आई है। वर्ल्ड स्पाइन डे के मौके शुक्रवार डॉक्टरों ने शहर की सड़कों पर एक खास साइक्लोथॉन निकाली। इस रैली का मुख्य मकसद आम लोगों के बीच रीढ़ की हड्डी की बीमारियों और उसकी सर्जरी को लेकर फैले डर और भ्रांतियों को दूर करना था।
स्पाइन सर्जरी करा चुके मरीज भी डॉक्टरों संग चलाते दिखे साइकिल
इस साइक्लोथॉन की सबसे खास और ध्यान खींचने वाली बात यह रही कि हाल ही में रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन करा चुके एक-दो मरीज भी डॉक्टरों के साथ कदम से कदम मिलाकर साइकिल चलाते नजर आए। इन मरीजों की इस सक्रिय भागीदारी के जरिए समाज में यह बड़ा संदेश दिया गया कि अगर सही समय पर उचित इलाज और डॉक्टर की सलाह से रिकवरी की जाए, तो इंसान ऑपरेशन के बाद भी एक दम सामान्य और एक्टिव जिंदगी आराम से जी सकता है।
शहर के कई बड़े और वरिष्ठ स्पाइन सर्जनों ने किया नेतृत्व
इस रैली का सफल नेतृत्व ISSA के अध्यक्ष डॉ. एसके लूनावत, उपाध्यक्ष डॉ. प्रसाद पटगांवकर और सचिव डॉ. अविनाश जैन ने किया। इसके साथ ही एसोसिएशन ऑफ ऑर्थोपेडिक सर्जन्स ऑफ इंदौर (AOSI) के सचिव डॉ. प्रणव महाजन, वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. मसंद और डॉ. मनचंदा समेत कई अन्य नामचीन डॉक्टरों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। सभी ने एक सुर में कहा कि नियमित शारीरिक गतिविधि इंसान को हमेशा स्वस्थ बनाए रखती है।
साइक्लिंग ग्रुप्स और इंदौर ट्रैफिक पुलिस का मिला पूरा सहयोग
इस आयोजन को सफल और सुरक्षित बनाने में शहर के एक्टिव साइकिल राइडर्स और इंदौर पुलिस ने बहुत ही सराहनीय भूमिका निभाई। ट्रैफिक पुलिस ने पूरे रास्ते भर मुस्तैदी से मोर्चा संभाला ताकि रैली बिना किसी रुकावट के सुचारू रूप से निकल सके। आयोजन के अंत में एसोसिएशन की ओर से इस मुहिम में मदद करने वाले सभी डॉक्टरों, एनेस्थीसिया क्लब के सदस्यों, साइकिल राइडर्स और जिला प्रशासन का दिल से आभार व्यक्त किया गया।






