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महू में फटी नर्मदा की मुख्य पाइपलाइन, शहर में बाढ़ जैसे हालात, इंदौर की 50 टंकियों पर असर

Written by:Bhawna Choubey
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महू में नर्मदा की मुख्य पाइपलाइन फटने से शहर में बाढ़ जैसे हालात बन गए। तेज बहाव के कारण कई इलाकों में पानी भर गया और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं इस घटना का असर इंदौर की जल आपूर्ति पर भी पड़ा है, जहां 50 पानी टंकियों की सप्लाई प्रभावित हुई है।

महू में गुरुवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब जलूद से इंदौर को नर्मदा जल पहुंचाने वाली मुख्य पाइप लाइन अचानक फट गई। देखते ही देखते लाखों लीटर पानी तेज दबाव के साथ बाहर निकलने लगा और आसपास का पूरा इलाका जलमग्न हो गया। इस घटना का असर केवल महू तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इंदौर शहर की जलापूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित हो गई। जानकारी के अनुसार इसी पाइप लाइन के माध्यम से इंदौर की करीब 80 पानी की टंकियों तक नर्मदा जल पहुंचाया जाता है, जिनमें से लगभग 50 टंकियों में पानी नहीं पहुंच सका।

सुबह के समय हुई इस तकनीकी खराबी ने नगर निगम और जल आपूर्ति विभाग की चिंता बढ़ा दी। अधिकारियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने की कोशिश शुरू की। हालांकि पाइप लाइन से निकल रहे पानी का दबाव इतना ज्यादा था कि कुछ ही मिनटों में कई इलाके पानी से भर गए और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

महू में पाइप लाइन फटने से सड़कें बनीं नदी, कई इलाकों में ठप हुआ आवागमन

घटना के बाद महू शहर के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। वन विभाग कार्यालय, छावनी परिषद क्षेत्र, सेंट्रल स्ट्रीट, ड्रीमलैंड, आरफियम और राज मोहल्ला सहित कई इलाकों में पानी भर गया। तेज बहाव के कारण सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो गईं और लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। कुछ दोपहिया वाहन पानी के तेज बहाव में गिर गए, जबकि कई वाहन चालकों को रास्ता बदलकर जाना पड़ा।

स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने ड्रीमलैंड चौराहे से डीएसओआई चौराहे तक मार्ग को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। मौके पर पुलिस और प्रशासनिक टीमों को तैनात किया गया ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। स्थानीय लोगों के मुताबिक उन्होंने पहली बार शहर के बीचों-बीच इतनी बड़ी मात्रा में पानी का बहाव देखा।

इस घटना ने एक बार फिर शहरी जल आपूर्ति व्यवस्था की मजबूती और पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर के रखरखाव को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ते दबाव और पुराने पाइप नेटवर्क की समय-समय पर तकनीकी जांच बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

इंदौर जलापूर्ति पर बड़ा असर, करोड़ों का नुकसान और मरम्मत कार्य जारी

पाइप लाइन फटने का सीधा असर इंदौर की पेयजल व्यवस्था पर पड़ा है। करीब 50 पानी टंकियों तक नर्मदा जल नहीं पहुंच सका, जिससे कई इलाकों में जल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका पैदा हो गई। वहीं महू में निकले पानी ने गैरिसन मैदान को तालाब में बदल दिया। छावनी परिषद का गार्डन, एसबीआई बैंक परिसर और मालवा कॉम्प्लेक्स भी पानी में डूब गए।

बताया जा रहा है कि मालवा कॉम्प्लेक्स की 25 से 30 दुकानों को नुकसान पहुंचा है। इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों में रखे उपकरण और कई कार्यालयों के कंप्यूटर भी पानी की चपेट में आ गए। स्थानीय व्यापारियों ने लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई है।

अधिकारियों के अनुसार करीब 10 साल पुरानी इस पाइप लाइन में वेल्डिंग की गई प्लेट निकलने के कारण यह हादसा हुआ। सूचना मिलते ही तकनीकी टीमों ने डी-वाटरिंग का काम शुरू किया और क्षतिग्रस्त हिस्से तक पहुंचने के बाद मरम्मत कार्य प्रारंभ किया गया। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि सप्लाई को जल्द से जल्द बहाल करने की कोशिश की जा रही है।

Bhawna Choubey
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मुझे लगता है कि कलम में बहुत ताकत होती है और खबरें हमेशा सच सामने लाती हैं। इसी सच्चाई को सीखने और समझने के लिए मैं रोज़ाना पत्रकारिता के नए पहलुओं को सीखती हूँ। View all posts by Bhawna Choubey
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