19 सितंबर को इंदौर में प्रस्तावित राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। दरअसल कांग्रेस नेताओं ने कार्यक्रम के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी है लेकिन अभी तक किसी भी स्थान पर अंतिम मंजूरी नहीं मिली है। इसे लेकर कांग्रेस लगातार बैठकों के जरिए तैयारियों को आगे बढ़ा रही है और छात्रों से संपर्क अभियान भी चला रही है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि कार्यक्रम का मकसद छात्रों के मुद्दों को सामने लाना है। पहले नेहरू स्टेडियम में आयोजन की उम्मीद थी लेकिन अनुमति नहीं मिलने के बाद अब रीजनल पार्क के सामने आईडीए का खाली मैदान, खंडवा रोड स्थित यूनिवर्सिटी का ग्राउंड और जीएसीसी कॉलेज के पीछे का मैदान विकल्प के तौर पर प्रशासन के सामने रखे गए हैं। फिलहाल कलेक्टर स्तर पर अनुमति को लेकर प्रक्रिया जारी है।
तीन स्थानों पर मांगी गई अनुमति
वहीं कांग्रेस के मुताबिक, ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं और छात्रों की भागीदारी की योजना है। इसी वजह से ऐसे मैदान की मांग की गई है जहां पर्याप्त भीड़ जुट सके और व्यवस्थाएं आसानी से की जा सकें। दरअसल शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि पार्टी ने प्रशासन के सामने तीन विकल्प रखे हैं और उम्मीद है कि इनमें से किसी एक स्थान पर अनुमति मिल जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले नेहरू स्टेडियम की अनुमति नहीं दी गई और अब अन्य स्थानों पर भी फैसला लंबित है। हालांकि, प्रशासन की ओर से अब तक यह नहीं बताया गया है कि अनुमति कब तक जारी होगी। कांग्रेस का दावा है कि कार्यक्रम की तैयारियां मैदान तय होने से पहले भी जारी रहेंगी। संगठन की ओर से अलग-अलग इलाकों में बैठकें की जा रही हैं और छात्र संगठनों के साथ भी संपर्क बढ़ाया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि यह आयोजन युवाओं से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रहेगा।
चिंटू चौकसे के बयान से बढ़ी राजनीतिक चर्चा
वहीं कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। चिंटू चौकसे ने कहा कि सरकार को राहुल गांधी के नाम का ‘फोबिया’ हो गया है और इसी वजह से कार्यक्रम स्थल को लेकर फैसले में देरी हो रही है। यह कांग्रेस का आरोप है, जबकि प्रशासन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसी बीच एक और घटनाक्रम चर्चा में रहा। कांग्रेस नेता विवेक खंडेलवाल ने पुष्टि की कि पश्चिम क्षेत्र के भाजपा से जुड़े एक नेता ने उन्हें फोन किया था। उनके मुताबिक, फोन पर उस नेता ने अपने परिवार के बच्चों की राहुल गांधी से मुलाकात कराने की बात की। खंडेलवाल ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से संपर्क करने की सलाह दी।






