इंदौर में होने वाले राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक हलचल लगातार बढ़ रही है। दरअसल कांग्रेस इसे छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर केंद्रित बड़ा संवाद बता रही है। दूसरी ओर कार्यक्रम स्थल और पुलिस अनुमति को लेकर स्थिति अब तक साफ नहीं हो सकी है। राहुल गांधी ने बुधवार को जारी अपने संदेश में कहा कि वह अलग-अलग शहरों में छात्रों से मिलकर उनकी चुनौतियां समझ रहे हैं।
दरअसल उन्होंने युवाओं से ऑनलाइन लिंक के जरिए अपनी बात साझा करने और वीडियो भेजकर अपनी समस्याएं बताने की अपील की है। उनके मुताबिक इन सुझावों के आधार पर छात्रों की आवाज को मंच तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी।
कांग्रेस का बड़ा दावा
मेरे प्यारे छात्रों, युवाओं और भारत के Gen Z,
आपके साथ सारा देश देख रहा है कि आज एक टूटी हुई शिक्षा व्यवस्था ने आपकी उम्मीदों की लौ को बुझा कर आपके भविष्य को अंधेरे में धकेल दिया है।
‘छात्रों की गूंज’ के माध्यम से मैं अलग-अलग शहरों में आपसे मिलकर आपकी चुनौतियां समझ रहा हूं। इसी मुहिम के साथ 19 सितंबर को मैं फिर आपके बीच, इंदौर में रहूंगा।
मगर इस सिस्टम को बदलने के लिए पूरे देश के हर छात्र की आवाज़, उनका दर्द और उनकी राय सुनी जानी ज़रूरी है।
नीचे दिए लिंक पर जाकर बताइए – आपको अपने सपने पूरे करने से क्या रोक रहा है? आप वीडियो बनाकर भी अपनी बात हम तक पहुंचा सकते हैं।
आपकी समस्याएं। आपके सुझाव। हम मिलकर उम्मीद फिर से लौटाएंगे।
https://t.co/LJKkkNMrGM
#ChhatronKiGoonj
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 10, 2026
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में लिखा ‘इस सिस्टम को बदलने के लिए पूरे देश के हर छात्र की आवाज़, उनका दर्द और उनकी राय सुनी जानी ज़रूरी है।’ वहीं कांग्रेस के मुताबिक ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर युवाओं में लगातार उत्साह बढ़ रहा है। पार्टी ने दावा किया है कि अब तक 1.50 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। कार्यक्रम की तैयारियों के तहत कांग्रेस लगातार बैठकों का दौर चला रही है। संगठन की ओर से छात्रों तक पहुंचने के लिए ऑनलाइन अभियान भी चलाया जा रहा है। राहुल गांधी के संदेश को सोशल मीडिया के जरिए व्यापक स्तर पर साझा किया जा रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा छात्र अपनी राय दर्ज करा सकें। कांग्रेस का कहना है कि यह कार्यक्रम छात्रों के भविष्य, रोजगार, शिक्षा और उनसे जुड़े मुद्दों पर बातचीत के लिए आयोजित किया जा रहा है। पार्टी के नेताओं का दावा है कि बड़ी संख्या में युवा इसमें शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं।
परमिशन पर अब भी बनी असमंजस की स्थिति
बता दें कि 19 सितंबर की तारीख करीब आने के बावजूद कार्यक्रम की अनुमति अब तक नहीं मिली है। कांग्रेस पिछले कई दिनों से कलेक्टर, पुलिस, नगर निगम और इंदौर विकास प्राधिकरण के स्तर पर अनुमति के लिए आवेदन कर रही है। पार्टी ने पहले नेहरू स्टेडियम में कार्यक्रम कराने की मांग की थी, लेकिन वहां अनुमति नहीं मिली। इसके बाद रीजनल पार्क के सामने आईडीए की जमीन को प्रमुख विकल्प बनाया गया। कांग्रेस ने प्रशासन से वैकल्पिक स्थानों पर भी अनुमति देने का अनुरोध किया है। कलेक्टर शिवम वर्मा का कहना है कि किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम की अनुमति निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया के तहत ही दी जाती है। उनके मुताबिक आवेदन मिलने के बाद पुलिस विभाग सुरक्षा और अन्य पहलुओं का परीक्षण करता है और उसी के आधार पर फैसला लिया जाता है।






