इंदौर लोकायुक्त पुलिस में नगर निगम के दो ऐसे कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है जिनकी संवेदनाएं शायद मर चुकी थी या फिर घूसखोरी उनकी आदत बन गई थी लेकिन जाल में अब फंसे हैं। ये दोनों कर्मचारी जोन क्रमांक 13 में पदस्थ हैं, लोकायुक्त पुलिस ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर जाँच में लिया है।
लोकायुक्त पुलिस की इंस्पेक्टर प्रतिभा तोमर ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इंदौर जिले के ग्राम लिंबोड़ी निवासी आशीष चौधरी ने एक शिकायती आवेदन लोकायुक्त एसपी कार्यालय में दिया था जिसमें नगर निगम के जोन क्रमांक 13 में पदस्थ दो कर्मचारियों पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाये गए थे।
संबल योजना में आई राशि रिलीज करने मांगी रिश्वत
आवेदक आशीष चौधरी के मुताबिक 2025 में उनके पिता की मृत्यु हुई थी जिसके बाद शासन की संबल योजना के तहत उनके दो लाख रुपए आए थे जिसे जारी करने के लिए वार्ड प्रभारी (मास्टर कर्मी) संध्या पथरोड और वार्ड प्रभारी सहायक हरभजन सिंह सलूजा 10 प्रतिशत के हिसाब से 20 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे थे, बाद में 15 हजार रुपये पर सौदा तय हुआ और तीन बराबर किस्तों में रिश्वत देने की सहमति बनी।
शिकायत के सत्यापन में रिश्वत मांगने के मिले सबूत
शिकायत मिलने के बाद एसपी राजेश सहाय के निर्देश पर इसका सत्यापन कराया गया और पहली क़िस्त लिए जाने की बात कही गई, रिश्वत मांगे जाने का प्रमाण मिलने के आबाद ट्रैप दल गठित किया गया और निर्धारित स्थल पर लोकायुक्त की टीम ने 5000/- रुपये लेकर आवेदक को भेजा।
रिश्वत हाथ में आते ही लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा
आवेदक आशीष चौधरी ने वहां वार्ड प्रभारी संध्या पथरोड को रिश्वत की राशि 5000/- रुपये जैसे ही दी पहले से तैयार लोकायुक्त पुलिस ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया, लोकायुक्त ने उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया साथ ही इस मामले में उसके सहयोगी वार्ड प्रभारी सहायक हरभजन सिंह सलूजा पर भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जाँच में ले लिया।






