आदिवासी बाहुल्य डिंडौरी जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिया है। सरकारी जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक नाबालिग मरीज को आईवी ड्रिप की जगह मिनरल वॉटर की बोतल से पानी चढ़ाया जाता दिख रहा है। यह घटना दर्शाती है कि कैसे दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं की नींव हिल चुकी है और मरीजों के जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
वायरल वीडियो में जो दृश्य कैद हुए हैं, वे किसी भी संवेदनशील व्यक्ति को झकझोरने वाले हैं। एक नाबालिग मरीज, जिसने कथित तौर पर जहर का सेवन कर लिया था, उसे गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। इमरजेंसी वार्ड में इलाज के दौरान, चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही इस हद तक सामने आई कि मरीज के पेट में गैस्ट्रिक ट्यूब के माध्यम से मिनरल वॉटर की बोतल का पानी चढ़ाया जा रहा था। यह न केवल चिकित्सा प्रोटोकॉल का गंभीर उल्लंघन है, बल्कि मरीज के जीवन को सीधे तौर पर खतरे में डालने वाला कृत्य भी है।
वायरल वीडियो की होगी निष्पक्ष जांच: CMHO
इस गंभीर मामले पर जब मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) मनोज पांडे से बात की गई, तो उन्होंने शुरुआती तौर पर आईवी की जगह मिनरल वॉटर चढ़ाने की बात को सिरे से खारिज कर दिया। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वायरल वीडियो की सच्चाई की जांच की जाएगी और यदि इसमें कोई लापरवाही पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सीएमएचओ की यह दलील, विवादों को शांत करने की कोशिश भर लगती है, क्योंकि वीडियो में साफ तौर पर जो दिख रहा है, उसे झुठलाना मुश्किल है और यह स्थिति किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं हो सकती।
डिंडौरी के जिला अस्पताल का है पूरा मामला
यह पूरा मामला डिंडौरी के जिला अस्पताल का है, जहां के एक वार्ड का यह वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया है। वीडियो में दिख रहा मरीज डिंडौरी के सिविल लाइन इलाके का रहने वाला एक नाबालिग लड़का है, जिसने गलती से चूहा मारने वाली दवा खा ली थी। उसकी हालत बिगड़ने पर उसे तत्काल जिला अस्पताल लाया गया था। इमरजेंसी वार्ड की यह तस्वीर, जिसमें लड़का उल्टी करता दिखाई दे रहा है और साथ में उसे मिनरल वॉटर चढ़ाया जा रहा है, प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल रही है और सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रही है।
कांग्रेस नेता अरुण यादव ने मामले में भाजपा को घेरा
इस गंभीर चूक पर राजनीतिक गलियारों में भी उबाल आ गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अरुण यादव ने इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा करते हुए भारतीय जनता पार्टी की ‘डबल इंजन सरकार’ के स्वास्थ्य मॉडल पर तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर लिखा है कि ‘डिंडौरी जिले के सरकारी अस्पताल में पानी की बोतल से ड्रिप चढ़ाई जा रही है। क्या यही है बीजेपी के डबल इंजन का स्वास्थ्य मॉडल?’ उन्होंने आगे कहा कि ‘मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं वेंटिलेटर पर हैं और सरकार अपने प्रचार में मस्त बनी हुई है, जबकि पूरे प्रदेश की जनता इलाज नहीं, बल्कि बदहाली झेल रही है।’ यादव के इन बयानों ने इस मुद्दे को और भी गर्मा दिया है और विपक्ष को सरकार पर हमलावर होने का एक बड़ा मौका मिल गया है, जिससे आने वाले समय में राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो सकती है।
यह घटना सिर्फ डिंडौरी की नहीं, बल्कि प्रदेश के सुदूर ग्रामीण और आदिवासी अंचलों में पसरी स्वास्थ्य सेवाओं की दयनीय स्थिति का आईना है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस मामले में कितनी गंभीरता दिखाती है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या ठोस कार्रवाई करती है, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो और मरीजों को सही उपचार मिल सके।
डिंडोरी के सरकारी अस्पताल में पानी की बोतल से ड्रिप चढ़ रही है ।
यही है भाजपा के डबल इंजन का “स्वास्थ्य मॉडल” ।
मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं वेंटिलेटर पर, सरकार अपने प्रचार में मस्त है ।
प्रदेश की जनता इलाज नहीं, बदहाली झेल रही है । pic.twitter.com/trDdPThgh5— Arun Subhashchandra Yadav (@MPArunYadav) July 23, 2026





