मध्य प्रदेश के किसानों राहत भरी खबर है। रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी की तारीख में एक बार फिर संशोधन किया गया है। अब इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 10 की जगह से 9 अप्रैल 2026 से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की जाएगी। इसके लिए 7 अप्रैल से पंजीकृत किसानों की स्लॉट बुकिंग शुरु हो गई है।
मंगलवार (7 अप्रैल 2026) को कैबिनेट बैठक से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी घोषित तिथि से एक दिन पहले अर्थात 9 अप्रैल से आरंभ हो रही है। प्रथमत: लघु और सीमांत पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं लिया जाएगा, उनकी स्लॉट बुकिंग प्रारंभ हो गई है। गेहूं की खरीदी प्रारंभ करने के लिये आवश्यक बारदाने उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को अपने प्रभार के जिलों में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की व्यवस्थाओं की सतत् निगरानी करने और आवश्यक समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।
ये भी पढ़ें
गेहूं उपार्जन: एमएसपी 2625 और 3627 केंद्र
गेहूं उपार्जन के लिए इस वर्ष प्रदेश में कुल 3627 उपार्जन केंद्र बनाये गये हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹2,585 प्रति क्विंटल तय किया गया है और ₹40 प्रति क्विंटल बोनस भी दिया जाएगा। खरीदी केंद्रों पर कामकाज सुबह 8 से रात 8 बजे तक रहेगा। इस बार 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3.60 लाख अधिक है। इस वर्ष किसानों का पंजीकृत रकबा 41.58 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है, जो विगत वर्ष से 6.65 लाख हेक्टेयर अधिक है। पिछले वर्ष 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष 78 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य रखा गया है।
प्रदेश में बारदाने की कोई कमी नहीं
इससे पहले रविवार को सीएम डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में गेहूं उपार्जन कार्य के संबंध में हुई बैठक में कहा था कि उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन कराने वाले सभी किसानों का गेहूं खरीदा जायेगा। उपार्जन प्रक्रिया में पहले छोटे किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा। इसके बाद मध्यम एवं बड़े किसानों से खरीदी की जाएगी। स्लॉट बुकिंग वाले सभी किसानों का गेहूं चरणबद्ध रूप से खरीदा जाएगा। प्रदेश में बारदाने की कोई कमी नहीं है। केन्द्र सरकार, जूट कमिश्नर सहित अन्य बारदान प्रदाय एजेंसियों से बारदान आपूर्ति के लिए राज्य सरकार लगातार सम्पर्क बनाए हुए है। भारत सरकार ने मध्यप्रदेश को 50 हजार जूट की गठानों का अतिरिक्त आवंटन किया है। साथ ही गेहूं उपार्जन के लिए HDP/PP बैग और एक बार उपयोग होने वाले जूट बारदाने के उपयोग की अनुमति दी गई है। उपार्जन व्यवस्था पर नियमित रूप से निगरानी के लिए एक राज्य स्तरीय एवं कृषि उपज मंडियों में भी कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दिए गए हैं।